संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों से पढ़ने वाले विद्यार्थी भी अब बीएससी और बीकॉम कर सकेंगे। अब तक वह सिर्फ बारहवीं के बाद बीए कर पाते थे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद अपने पाठ्यक्रम को माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम की तरह बनाने जा रहा है।
बारहवीं में छात्र संस्कृत के अनिवार्य विषयों के साथ विज्ञान, कामर्स या कंप्यूटर की भी पढ़ाई करेंगे। अगले सत्र से नया पाठ्यक्रम संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में लागू करने की तैयारी है।