Master Class Topic: Importance of Skills along with degree. Guest Speaker: Prof. Ram Kumar Kakani, Director IIM Raipur
सफलता डॉट कॉम द्वारा डिग्री के साथ कौशल का महत्व विषय पर आयोजित किये गए मास्टर क्लास में मुख्य अतिथि भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के निदेशक प्रो. राम कुमार ककानी ने कहा कि एक बार में व्यक्ति को एक ही काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्हेन आई वर्क आई प्ले एंड व्हेन आई प्ले आई वर्क इस कहावत पर मैं काम करता हूं।
ये भी सीखें
अगर आप दुनियां और ओवरआल ट्रेंड्स को देखेंगे तो पता चलेगा कि आज के समय में इंफोर्मेशन ओवरलोडेड हो रही हैं। युवाओं को इस इंफोर्मेशन लोड को काटना होगा। युवाओं को सिर्फ वही इंफोर्मेशन लेनी चाहिए जो उनके लिए जरूरी है। एचआर प्रक्टिसेज बदल रहे हैं। आजकल हर जगह पर लोग काम करते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बगैरह के आने से नए नए सेक्टर्स खुल रहे हैं। अगर आप यही सोचेंगे कि मुझे सरकारी नौकरी ही चाहिए मुझे वहीं जाना है जहां पर मेरे पिता जी, या दादा जी ने काम किया है। इससे काफी सारे नए अपॉरचुनिटीज से आप से छूट जाएंगे। उन्होंने कहा जैसे फेसबुक आज से 20 साल पहले नहीं था, लेकिन आज 1 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी दे रहा है। 30 साल पहले गूगल था क्या लेकिन आज गूगल के पास इतने कर्मचारी हैं कि वो किसी देश की सेना के बराबर हो सकते हैं। तो जो नए सेक्टर उभर के सामने आते हैं वो टिपिकली नए जगह पर रहते हैं। इसलिए मैं यही कहूंगा कि नई चीजों को सीखने से पीछे मत हटिये। काम के साथ साथ धीरे धीरे कुछ न कुछ नया सीखते रहिये। फिर जो आपको अच्छा लगता है उसमें आगे बढ़ जाइये। क्योंकि जब हमें नई चीजों के बारे में पता नहीं होता है तभी हम पुरानी चीजों को लेकर बैठे रहते हैं। युवाओं को दुनियां में क्या हो रहा है ये जानने के लिए किसी न किसी न्यूजपेपर या टीवी चैनल को जरूर देखना चाहिए। इससे आपको आने वाले नए सेक्टर्स के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि क्लाउड बेस्ड कंसल्टिंग आज के समय में बहुत चल रहा है। 10-15 साल पहले एमबीए में कोई सोच भी नहीं सकता था क्लाउड बेस्ड कंसल्टिंग के बारे में। लोग क्लाउड बेस्ड में एक देश से दूसरे देश के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि इंटेलिजेंस का मतलब है आप नई नई चीजों कौ गौर से देखेंगे और ऑब्जर्ब करेंगे। इससे जाहिर है आपका इंटेलीजेंस बढ़ेगा ही बढ़ेगा। स्किल डेवलपमेंट में भी यही है कि आप ऑब्जर्ब करें ध्यान से चीजों को देखें एनाइज करें। चाहे आप डिलीवरी ब्वॉय की क्यों न हों। अगर गंभीरता से लोगों को समझेंगे देखेंगे तो निश्चित रूप से आपका इंटेलिजेंस बढ़ेगा। नई शिक्षा नीति में भी यही है कि आप एक्सपीरिएंसियल लर्निंग यानी समझकर अपनी इंटेलिजेंस बढ़ा सकते हैं न कि सिर्फ रट्टा मारकर। जापान और अमेरिका में बच्चों की स्किल पर स्कूल स्तर से महत्व देने के सवाल पर प्रो. ककानी ने कहा कि मुझे लगता है भारत में भी एक दशक पहले इसकी शुरूआत हो चुकी है। अगर आप पेटीएम, अर्बन या ऐसी ही कई कंपनियों को देखें तो ये यू्निकॉर्न कंपनियां बन चुकी हैं ए + कैटेगरी में इनको रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डॉट कॉम कंपनियां ही नहीं, जलवायु परिवर्तन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट आदि पर कंपनियां भी बेहतर काम कर रही हैं। प्रो. ककानी ने तेलंगाना राज्य में टी (तेलंगाना) हब स्थापित करने के लिए तेलंगाना सरकार की सराहना की। इस टी हब में 4000 कंपनियों ने अपना ऑफिस बनाया है। यहां छात्र के पास सिर्फ आइडिया होना चाहिए। फंडिंग कंपनियां, लॉ कंपनियां और अन्य कई प्रकार की एडवाइजरी सर्विसेज भी यहां छात्रों को मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 साल में स्टार्टअप हब सिलिकॉन वैली को अगर ये टी हब पार कर लेता है तो मुझे कोई अचंभा नहीं होगा। यहां मर्जिडीज, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, रॉल्स रॉयल्स जैसी कंपनियों ने अपना ऑफिस बनाया हुआ है। आने वाले वर्कफोर्स पर एआई के प्रभाव के बारे में कहा कि आने वाले समय में कुछ पुराने स्किल्स कम जरूरी हो जाएंगे और नए स्किल्स की डिमांड बढ़ेगी। जैसा कि हर 20-30 साल में होता है। उन्होंने कहा कि जैसे बहुभाषी कौशल और क्रास सांस्कृतिक कौशल जैसी विधाओं में एआई काफी मदद करेगा। इसके अलावा भी अगर आपकी जॉब की स्किल में आप एक ही काम बार बार रिपीट कर रहे हैं। जैसे एटीएम में गार्ड की नौकरी। इसका बहुत अच्छा भविष्य नहीं है। जिसे चैट जीपीटी इस्तेमाल करना आता है वह शॉर्ट टर्म में चैंपियन बन सकता है। एआई टूल्स के लगातार इस्तेमाल से लोग खुद के सोचने की योग्यता खो रहे हैं। चैट जीपीटी जैसी चीजों की आदत से जोकि आपको तुरंत किसी सवाल का जवाब दे रही हैं। आपकी सोचने समझने की क्षमता को कुंद कर रही हैं। मैंने ये कुछ छात्रों में भी देखा है जो डिवाइस का बहुत अधिक इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि एआई और एमएल बहुत अच्छा है लेकिन उतना भी इस्तेमाल न करें जो दूर दृष्टि वाली सोच को आप इस्तेमाल करना भूल जाएं। जिससे आप अच्छे और बुरे में फर्क भी न कर पाएं। छोटे शहरों के वे युवा जो मेट्रो सिटीज में जाकर अंग्रेजी की वजह से बड़ी कंपनियों में जॉब हासिल नहीं कर पाते हैं। बेहतर सैलरी हासिल नहीं कर पाते हैं उन पर प्रो. ककानी ने कहा वे युवा अपने डेली रुटीन में, दैनिक गतिविधियों के दौरान अंग्रेजी की पॉडकास्ट चला कर रखें। अंग्रेजी की किताब पढ़ें। अंग्रेजी न्यूज देखें, अंग्रेजी पेपर, मैगजीन पढ़ें। अंग्रेजी में दोस्तों से बात करें। देश की जानी - मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। इतना ही नहीं सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी सफलता पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोर्सेज हैं। यहां से पढ़कर सैकड़ों युवाओं ने सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में शानदार नौकरियां हासिल की हैं, तो फिर देर किस बात की आज ही सफलता से जुड़ें और अपना शानदार कॅरिअर बनाएं। आप अपने फोन में Safalta App डाउनलोड करके भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।
मास्टर डिजिटल मार्केटिंग
एडवांस डिजिटल मार्केटिंग
प्रोफेशनल डिजिटल मार्केटिंग
युवा सिर्फ वही इंफोर्मेशन लें जो उनके लिए जरूरी है
सरकारी नौकरी के चक्कर में नए अवसरों को न खोएं
नई चीजों को सीखने से पीछे न हटें युवा
युवा एक्सपीरियंसियल लर्निंग या चीजों को समझकर बढ़ाएं अपना इंटेलिजेंस
स्किल्ड बनने की दिशा में 10 साल से काम कर रहा है भारत
टी हब की स्थापना तेलंगाना सरकार का सराहनीय कार्य
चैट जीपीटी का इस्तेमाल कर शॉर्ट टर्म में बन सकते हैं चैंपियन
लगातार एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे युवा अपने सोचने समझने की शक्ति में हो रहे कमजोर
दैनिक गतिविधियों में अंग्रेजी पॉडकॉस्ट सुने, अंग्रेजी पेपर, मैगजीन पढ़ें, दोस्तों से अंग्रेजी में बात करें
सफलता के साथ बनाएं अपना कॅरिअर