Topic: Impact of Having a Disciplined Life, Guest: Aditya Natani, Director Visa
सफलता.कॉम द्वारा अनुशासित जीवन के प्रभाव विषय पर आयोजित किए गए मास्टर क्लास सेशन में मुख्य अतिथि वीजा के निदेशक, आदित्य नाटाणी ने कहा कि जीवन हर किसी को समय समय पर अवसर देता है। लेकिन मुख्य बात ये है कि उस समय आप वो अवसर लेने के लिए तैयार हो या नहीं, और उस तैयारी के लिए आपको अनुशासन की जरूरत पड़ती है। हर किसी के जीवन में अनुशासन का बहुत बड़ा रोल है। जैसे सुबह जल्दी उठना, जॉगिंग पर जाना, व्यायाम करना, किताब पढ़ना साथ ही दिन के बड़े कामों को सुबह ही निपटा लेना। क्योंकि कि सुबह के समय में आपके पास ज्यादा डिस्ट्रेक्शन नहीं होता है। इसलिए हर युवा को सुबह जल्दी उठना चाहिए और रात को जल्दी सो जाना चाहिए।
आदित्य ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से किए गए काम हमेशा सफल होते हैं। जैसे मेरे पास साल का, महीने का अगले हफ्ते का एक प्लान होता है जिसपे मैं काम करता हूं। जैसे रविवार को लोग कोई प्लान फॉलो नहीं करते देर तक सोना, ऐसे ही कहीं घूमने निकल जाते हैं। तो अगर आप भी रविवार को अपना एक प्लान बनाकर निकलेंगे जैसे सुबह उठने का टाइम, जॉगिंग का टाइम, कोई किताब पढ़ने का टाइम या अपने आपको इंप्रूव करने के लिए आप प्लान कर सकते हैं। ये आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए मदद भी करेगा। दुनियां में सूरज, चांद, प्रकृति, ऋतुएं सब अपने समय पर ही काम कर रही हैं। एक इंसान ही है जो समय के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।
आदित्य ने कहा कि आजकल के खानपान के कारण लोगों में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। लेकिन अनुशासित जीवन आपको फिट बनाने में मदद कर सकता है। मैंने एक किताब पढ़ी थी 5AM Club जिससे मुझे सुबह जल्दी उठने में आसानी हुई। उन्होंने कहा कि अगर आप भी मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं तो आप दिन का प्लान बना सकते हैं। जैसे आप सुबह 5 बजे उठकर हर दिन 20 मिनट एक्सरसाइज कर लें। 20-30 मिनट कोई अच्छी किताब पढ़ें। ये काम आपका सूर्योदय से पहले हो जाना चाहिए। इसके बाद आप परिवार का कोई काम कर सकते हैं। बच्चों के साथ टाइम बिताना, बच्चों को पढ़ाना या शादी नहीं हुई है तो सैर पर जा सकते हैं।
आदित्य ने कहा कि हमें हर काम को नियत समय पर खत्म कर लेना चाहिए। चीजों को टालने की आदत अच्छी नहीं है। कई बार हम कुछ कामों को कम महत्वपूर्ण समझकर बाद के लिये छोड़ देते हैं जोकि सही आदत नहीं है। ऐसा लगातार होने से आपकी आदत बन जाती है और वापस उन कामों को करना आपके लिए मुश्किल हो जाता है। जीवन में अनुशासन ही है जो आपके स्वास्थ्य, आपके काम और परिवार के बीच समन्वय का काम कर सकता है।
आदित्य ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि नए वर्ष पर हम नए संकल्प लेते हैं। लेकिन संकल्प लेने के लिए नए साल का इंतजार करना ठीक नहीं है। हर दिन, हर सुबह नई होती है। अगर आप कोई संकल्प लेना चाहते हैं तो तुरंत लें।
आपको नियमित रूप से एक समय सारिणी बना के रखनी चाहिए। आपने देखा होगा जब बच्चे स्कूल जाते हैं तो गेट से घुसते ही अनुशासन शुरू हो जाता है। पहले प्रार्थना सभा, फिर अलग अलग विषयों के घंटे, खेल का पीरियड फिर छुट्टी।
कई बार देखा गया है कि आप एक बार जो पढ़ लेते हैं वह भूल जाते हैं। तो आपको सुबह उठकर पढ़ना चाहिए। जो पढ़ा है उसे लिख लेना चाहिए। उसी दिन शाम को या हफ्ते में एक या दो बार आपको उसे रिवाइज करना चाहिए। इससे आप चीजों को भूलेंगे नहीं। बच्चों में बचपन से ही अनुशासित जीवन की आदत डालें क्योंकि अगर आपका बेस अच्छा होगा तो आप उस पर बिल्डिंग भी अच्छी बना सकते हैं। याद्दाश्त बढ़ाने के लिए हर रोज आप 30 मिनट योगा भी कर सकते हैं। क्योंकि शरीर को संतुलित हवा, रक्त प्रवाह की जरूरत होती है। जो हमें एक्सरसाइज, सैर, योगा आदि से ही मिलती है।
आदित्य ने युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि हर युवा को ये चार किताबें पढ़नी चाहिए।