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ओशनोग्राफी: कैरियर भी और समुद्री रोमांच भी

Wed, 01 Oct 2014 11:56 AM IST
एजुकेशन डेस्क
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समुद्र की बनावट के साथ-साथ उसमें व्याप्त जीवन के बारे में जानना न सिर्फ रोमांचक, बल्कि बेदह उपयोगी भी होता है। ओशनोग्राफी यानी समुद्र विज्ञान के तहत इसी बारे में विस्तार से अध्ययन किया जाता है। इससे संबंधित अध्ययन क्षेत्र में महासागरीय जीव-जंतुओं के अलावा वनस्पतियों को भी शामिल किया जाता है। समुद्री हलचल भी अध्ययन का प्रमुख विषय है। मानव जीवन के लिए ओशनोग्राफी कई तरह से उपयोगी है।
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विषय का स्वरूप
ओशनोग्राफी के तहत कई विषयों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। फिजिकल ओशनोग्राफी के तहत समुद्र और मौसम के संबंधों को जानने की कोशिश की जाती है। केमिकल ओशनोग्राफी का जानकार समंदर में व्याप्त खनिज पदार्थों का पता लगाता है, जबकि मेरिन आर्कियोलॉजिस्ट समुद्र की गहराइयों में छिपी पुरातात्विक वस्तुओं से संबंधित अध्ययन करता है। जियोलॉजिक ओशनोग्राफी का संबंध जहां समुद्र की गहराइयों में स्थित चट्टानों और समुद्री आकृतियों के विश्लेषण से है, वहीं मेरिन बायोलॉजी में समुद्री जीवों के जीवन-चक्र पर नजर रखी जाती है। समुद्री संसाधनों के इस्तेमाल के लिए क्या नीतियां हों, इससे संबंधित काम मेरिन पॉलिसी एक्सपर्ट का होता है।
पाठ्यक्रम और शैक्षणिक योग्यता
एमएससी इन ओशनोग्राफी, एमएससी इन मेरिन जियोलॉजी, एमएससी इन मेरीन साइंसेज, बीटेक इन नेवल आर्किटेक्चर ऐंड ओशन इंजीनियरिंग, एमटेक इन ओशन साइंस, एमएससी इन फिजिकल ओशनोग्राफी आदि ओशनोग्राफी से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रम हैं। देश के कई संस्थानों में इस विषय से संबंधित पढ़ाई होती है।  एमफिल और पीएचडी से संबंधित कोर्स भी विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध हैं। शोधकार्यों के लिए आईआईटी चेन्नई बेहतर संस्थान है। जहां तक शैक्षणिक योग्यता का सवाल है, तो साइंस विषय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी ग्रेजुएशन स्तर पर एडमिशन लेने की योग्यता रखते हैं। पीजी कोर्स के लिए ओशनोग्राफी या संबंधित साइंस विषयों में ग्रेजुएशन को दाखिले के लिए योग्यता माना जाता है।
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व्यक्तिगत गुण
जो अभ्यर्थी इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हैं, उनमें कई गुणों का होना जरूरी है, जैसे लंबे समय की समुद्री यात्रा में रुचि, निडरता, तार्किक विश्लेषण की क्षमता, लॉजिकल माइंड, कंप्यूटर नॉलेज आदि। इसके अलावा सेहत और फिटनेस भी दुरुस्त होनी चाहिए।  
मौके कहां-कहां
कोर्स करने के बाद ओशनोग्राफर की नियुक्ति विभिन्न सरकारी और निजी कंपनियों में सामान्यत: साइंटिस्ट, इंजीनियर, एडमिनिस्ट्रेटर आदि रूपों में हो सकती है। सरकारी क्षेत्र में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, डिपार्टमेंट ऑफ ओशनोग्राफी, मेट्रोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया आदि में ऐसे प्रोफेशनल अवसर पाते हैं। देश-विदेश की तेल कंपनियों में भी संबंधित रिक्तियां निकलती रहती हैं। रिसर्च और टीचिंग में आपकी दिलचस्पी हो, तो उच्च शिक्षा के बाद आप इस ओर भी कदम बढ़ा सकते हैं।   
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मुख्य संस्थान
आईआईटी मद्रास
कोर्स : बीटेक इन नेवल आर्किटेक्चर एंड ओशन इंजीनियरिंग, एमटेक इन ओशन इंजीनियरिंग
www.oec.iitm.ac.in
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी, गोवा
कोर्स : पीएचडी प्रोग्राम
www.nio.org
बरहमपुर यूनिवर्सिटी, बरहमपुर
कोर्स : एमएससी इन ओशनोग्राफी, एमएससी इन मेरिन बायोलॉजी
www.buodisha.edu.in
आंध्रा यूनिवर्सिटी, विशाखापट्टनम
कोर्स : एमटेक इन ओशन साइंस, एमएससी इन फिजिकल ओशनोग्राफी
www.andhrauniversity.info
अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, अन्नामलाई नगर, तमिलनाडु
कोर्स : एमएससी इन ओशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी                    
www.annamalaiuniversity.ac.in
कोच्चि यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोच्चि
कोर्स : एमएससी इन ओशनोग्राफी, एमटेक इन ओशन टेक्नोलॉजी
www.cusat.ac.in
इंटरनेशनल मेरीटाइम एकेडमी, चेन्नई
कोर्स : बीटेक इन मेरीन इंजीनियरिंग
www.ima-maritime.com
मैंगलोर यूनिवर्सिटी, मैंगलोर
कोर्स :  एमएससी इन मेरिन जियोलॉजी
www.mangaloreuniversity.ac.in

खुशबू सिंह
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