एप्टीट्यूड शामिल करने से पीसीएम के प्रश्न कम होंगे
अभी जेईई एडवांस में पीसीएम के प्रश्न पूछे जाते हैं। नई योजना में एप्टीट्यूड को भी शामिल करने से प्रश्न-पत्र में पीसीएम के प्रश्नों की संख्या कम हो जाएगी। पीसीएम के लिए छात्र कोचिंग जाते हैं। एप्टीट्यूड के प्रश्न पूछने का मकसद, छात्र की तार्किक क्षमता, गणितीय कौशल, और समस्या समाधान की क्षमता को परखना है। इससे परीक्षा का कड़ा स्तर थोड़ा आसान होगा। नए पैटर्न में विषयों के बजाय क्रिटिकल थिंकिंग, स्किल को उभारना है।
क्यों पड़ी जरूरत: नई शिक्षा नीति
में परीक्षाओं का तनाव दूर करने की सिफारिश की गई है। इसलिए छात्रों का तनाव दूर करने और कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए पैटर्न में बदलाव करने की योजना है। इस परीक्षा को लेकर छात्र सबसे अधिक तनाव में रहते हैं। करीब 19 हजार सीट हैं और डेढ़ से दो लाख छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं। अभिभावक अपने बच्चों को आईआईटी तक पहुंचाने के लिए छठी कक्षा से कोचिंग सेंटर में दाखिला करवा देते हैं। स्कूल और कोचिंग की पढ़ाई के कारण छात्र अत्यधिक तनाव में आ जाते हैं। कई छात्र अत्यधिक तनाव नहीं झेल पाने के कारण अपनी जिंदगी को समाप्त कर रहे हैं। इसलिए तनाव को कम करने के लिए पैटर्न में बदलाव की मांग उठी है।