जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी
देश को नई ऊचाईयों पर ले जाते हुए जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने अपने नाम एक और कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। जामिया देश की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी बन गई हैं जहां पर अब सैन्य कर्मी स्नातक और परस्नातक की डिग्री के कोर्स आसानी से कर सकते हैं।
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हाल ही में जामिया के वाइंस चांसलर प्रोफेसर तलत अहमद और रक्षा मंत्रालय के एडजुटेंट जनरल अश्विनी कुमार ने एक ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया है। इस ज्ञापन के बाद से तीनों दलों के सैन्य कर्मी अपनी पसंद के डिग्री और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए नामांकन कर सकते हैं।
इन कोर्सेज के लिए पंजीकरण 'तालीम ए तर्राकी' कोर्स के अंतर्गत सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ओपन लर्निंग अंडर द एजिस में कर सकते हैं।
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इस कदम की सराहना लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार ने की। उन्होंने कहा कि सैन्य कर्मी 30 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं ऐसे में वो इन कोर्सेज के जरिए आगे की शिक्षा को पूरी कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें दूसरे फील्ड में नौकरी करना का अच्छा अवसर भी मिलेगा।
आपको बता दें कि इससे पहले जामिया ने ऐसा ही एक ज्ञापन इंडियन एयर फोर्स और इंडियन नेवी के साथ साइन किया था। जिसके अंतर्गत 12000 सैन्य कर्मियों को उच्च शिक्षा देकर नौकरी के अवसरों में इजाफा किया गया।