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IIT: आईआईटी मद्रास में पहुंचे केंद्रीय शिक्षा मंत्री, अगले महीने होगी एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी

Wed, 14 Jan 2026 02:20 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

AI Impact Summit 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान IIT मद्रास पहुंचे, जहां उन्होंने अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित एआई इम्पैक्ट समिट की घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दुनिया भर के देश तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना रहे हैं और भारत भी इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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IIT Madras - फोटो : ANI
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विस्तार
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PM Narendra Modi: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बुधवार को पोंगल समारोह में भाग लेने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि भारत अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रतिष्ठित एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा। पत्रकारों से बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दुनिया भर के देश शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपना रहे हैं।

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उन्होंने कहा, “अगले महीने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में प्रतिष्ठित एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया जाएगा... पूरा देश तैयारी कर रहा है, पूरा इकोसिस्टम, समाज के सभी वर्ग और सरकार एवं समाज के सभी जरूरी हितधारक इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे हैं कि शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स या विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में एआई जैसी क्रांतिकारी तकनीक को कैसे लागू किया जाए। पिछले साल भारत सरकार ने हमें शिक्षा में एआई के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र प्रदान किया है।”

उन्होंने कहा कि आगामी शिखर सम्मेलन के दौरान केंद्र की प्रगति की समीक्षा करने के उद्देश्य से यह दौरा किया गया था।

शिक्षा व्यवस्था में AI के एकीकरण पर जोर

प्रधान ने आगे कहा, "हमने आईआईटी मद्रास में एक हब के रूप में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया। मैं आज एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शिक्षा के लिए एआई उत्कृष्टता केंद्र की प्रगति की समीक्षा करने के लिए यहां उपस्थित हूं... हमारा शिक्षा तंत्र, चाहे वह केंद्र सरकार हो या प्रांतीय सरकार, या किसी भी प्रकार का संस्थान, अब अपने पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियों और प्रशासनिक प्रणालियों में एआई को अपनाने के लिए खुद को तैयार कर रहा है।"

पोंगल त्योहार का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि नया साल भारतीय शिक्षा ढांचे में एआई को एकीकृत करने के लिए नए सिरे से प्रयास करने का प्रतीक है।

"पोंगल के शुभ अवसर पर, देश इस बात की तैयारी कर रहे हैं कि नया साल भारतीय शिक्षा व्यवस्था में एआई को किस प्रकार शामिल करेगा। कल, मैंने एनआईडीएसआर, सभी एनआईटी और आईएसआर की गवर्निंग काउंसिल के साथ बैठक की। कल हमने तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिया। भारतीय शिक्षा संस्थान एआई का लाभ उठाते हुए अपनी शिक्षण और अधिगम पद्धति में प्रौद्योगिकी-प्रेमी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। वैश्विक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक नया पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।"

केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि स्कूली शिक्षा से लेकर उन्नत अनुसंधान तक, शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा को प्राथमिकता दी जाएगी।
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शिक्षा में शोध, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और मातृभाषा पर जोर

उन्होंने आगे कहा, “दूसरा, हम हर साल कई डॉक्टरेट छात्रों, पीएचडी छात्रों को तैयार कर रहे हैं। अब तक, भारतीय शिक्षा व्यवस्था में, पीएचडी शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और गुणवत्तापूर्ण शोध पत्रों के लिए प्राथमिकता रही है... लेकिन अब मैं संपूर्ण भारतीय शिक्षा व्यवस्था से अपील करता हूं कि वह समस्याओं, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और राष्ट्रीय मिशनों पर ध्यान केंद्रित करे... हमने जो तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, वह स्कूल से अनुसंधान की ओर केंद्रित होगा। शिक्षण पद्धति, शिक्षण का माध्यम और समझ का माध्यम मातृभाषा होगी। सभी भारतीय शिक्षण संस्थानों में मातृभाषा को प्राथमिकता दी जाएगी।"

पोंगल तमिल समुदाय का एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे दुनिया भर में रहने वाले तमिल लोग मनाते हैं। यह त्योहार प्रकृति, सूर्य, पशुओं और किसानों के प्रति धन्यवाद और सम्मान प्रकट करने का अवसर होता है। पोंगल को आमतौर पर परिवार के साथ मिलकर मनाया जाता है और यह खुशहाली, आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक माना जाता है।

त्योहार को आसान और सुखद बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने पहले ही एक पोंगल उपहार पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में सभी पात्र लाभार्थियों को एक किलो कच्चा चावल, एक किलो चीनी और एक गन्ना दिया जाता है।
 
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