नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग वीडियो लेक्चर प्रोजेक्ट में एक अनूठे प्रयोग पर काम कर रहा है। योजना के तहत शिक्षक या छात्र लेक्चर में न केवल कुछ जोड़ सकेंगे बल्कि सुधार की गुंजाइश होने पर सुधार भी कर सकेंगे।
ऐसा करने के लिए उन्हें एक क्रिएटिव लाइसेंस दिया जाएगा। यह एसओएल पर निर्भर करेगा कि लाइसेंस वह किसे देना चाहता है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रशासन ने एक समीक्षा कमेटी भी बनाई है। कमेटी देखेगी कि इसमें और किस प्रकार के सुधारों की आवश्यकता है।
एसओएल में स्नातक स्तर पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों के अंतर्गत लगभग चार लाख छात्र पढ़ते हैं। जिसमें दिल्ली समेत देश के विभिन्न राज्यों के भी छात्र होते हैं। ऐसे में छात्रों की सुविधा के लिए प्रशासन ऑडियो वीडियो लेक्चर तैयार कर रहा है।