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'विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज सेवा का भी गुर सिखाते हैं जीएलए विश्वविद्यालय के अध्यापक'

Sat, 07 Oct 2017 01:24 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
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जीएलए
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शिक्षा और समाज दोनों एक दूसरे का अभिन्न अंग माने जाते हैं। शिक्षा के बिना समाज का महत्व अधूरा है, क्योंकि शिक्षा हमें ज्ञान देती है, जिससे हम अपनी उन्नत्ति और सामाजिक कल्याण एवं विकास के बारे में अच्छे से सोचते हैं, वहीं समाज हमें रहने सहने का तौर तरीका एवं एक ऐसा वातावरण  देता है जिसमे हम खुद को स्थापित करके अपने भविष्य को उज्जवल करते  हैं। हम सभी को शिक्षा के साथ साथ समाज के प्रति अपने कर्त्तव्य को जागरूक रखना चाहिए।  
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ऐसी पहल जीएलए यूनिवर्सिटी हमेशा से करता आया है एवं हाल के दिनों में भी उन्होंने छात्रों को समाज के प्रति उनका कर्त्तव्य  समझाने के लिए  नेत्र परीक्षण कैम्प का आयोजन करवाया।  इस नेत्र शिविर को लगाने के पीछे प्रमुख कारण था ट्रक ड्राइवरों का नेत्र परीक्षण हो सके। जीएलए विश्वविद्यालय ने एनएचएआई, रिलायंस एवं कल्याणं करोति के सहयोग के साथ मिलकर ये नेत्र कैंप आयोजित किया। इस निःशुल्क नेत्र शिविर को महुअन टोल प्लाजा पर आयोजित किया गया। जिससे कई ट्रक ड्राइवर्स ने अपनी आँखों का परीक्षण करवाया एवं चश्मा प्राप्त कर खुद को लाभ पहुंचाया। 

महुअन टोल प्लाजा पर सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ एनएचएआई  मुख्यालय नई दिल्ली के जनरल मैनेजर टेक्नीकल  राजीव यादव, एनएचएआई महुअन टोल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम सफी, रिलायंस से अनिल कुमार सिंह, आर.के तिवारी, संजय कुमार एवं जीएलए विश्वविद्यालय के मैनेजर मेंटेनेंस तथा नेत्र चिकित्सा शिविर के कॉर्डिनेटर हरीओम शर्मा ने किया।
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'आज की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में ट्रक ड्राइवरों के पास समय नहीं है'

जीएलए
कॉर्डिनेटर हरीओम शर्मा ने बताया कि आज की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में ट्रक ड्राइवरों के पास समय नहीं है। इस कारण वह अपनी आंखों का परीक्षण नहीं करा पाते हैं। इससे आये दिन अनदेखी की वजह से दुर्घटनाएं देखने को मिलती हैं।

इन सभी समस्याओं के निराकरण के हेतु इस पांच दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।  इस शिविर में आंखों की सामान्य बिमारियों की जांच, चश्मे की जांच, मोतियाबिंद की जांच, आंखों में पानी आने की जांच, आंखों में सूजन आने की जांच, रतौंधी की जांच के सहित विभिन्न जांचे की जा रही हैं। 

उन्होंने बताया की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम गठित की गयी है, जिसमें आगरा और मथुरा की आधा दर्ज़न से ज्यादा डॉक्टरों की टीम जांच में लगी हुई है। आगरा के डॉ. एसपी जिंदल और कल्याणं करोति के डॉ. मयंक शर्मा ने बताया की आँखों की कमजोरी वाले ड्राइवरों को चश्मा दिया जा रहा है तथा दवाइयाँ भी दी जा रही हैं। 

इस पांच दिवसीय शिविर के पहले दिन ही करीब 150 ट्रक ड्राइवरों ने अपनी आँखों का परीक्षण कराकर चश्मा प्राप्त किया।  आगरा से मथुरा आ रहे ट्रक ड्राइवर शाहजहांपुर  निवासी मुकेश ने बताया कि ट्रक चलाने के कारण काफी समय से आँखों की जाँच नहीं करा पा रहा था। टोल पर रोका गया और आंखों के जांच के लिए कहा तो मुझे भी खुशी हुई कि लगे हाथ आखों की जांच हो गयी और डॉक्टर ने जांच कर चश्मा पहनाया।
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इस शिविर में स्थानीयों ने भी करायी आंखों की जांच

ट्रक ड्राइवरों के सहित महुअन, औरंगाबाद तथा फरह के निवासी भी अपनी जांच के लिए पहुंचे।  औरंगाबाद निवासी मीरा निषाद ने बताया की प्रचार के माध्यम से टोल प्लाजा पर जीएलए यूनिवर्सिटी के लगे नेत्र चिकित्सा शिविर का पता लगा तो जाँच के लिए आ गए। यहाँ आंखों की निःशुल्क जांच हुई और आँखों की सफाई के लिए दवा भी मिली। 

स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन जन तक पहुंचाया स्वच्छता का संदेश
सफाई हमारे जीवन में क्या क्या बदलाव ला सकती है और ये कितनी महत्वपूर्ण है इसके बारे में भी यह यूनिवर्सिटी काफी सजग दिखी, जीएलए के बीएड प्रशिक्षुओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया स्वच्छता का संदेश एवं स्वच्छ रहने से क्या लाभ मिलेगा इसके बारे में गांव के लोगों को जानकारी दी। 

शुक्रवार को बीएड प्रशिक्षुओं ने गांव आंझई में पहुंच कर तमाम स्लोगनों और पोस्टरों के माध्यम से गांव वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षुओं द्वारा सफलतापूर्वक एवं जोशपूर्ण नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया । जिसके द्वारा ग्राम वासियों को गंदगी से होने वाली बिमारियों एवं हानियों के बारे में भी अवगत कराया गया। सभी छात्र छात्रों ने उक्त कार्यक्रम में अपनी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

शिक्षा संकाय की प्राचार्य प्रो कविता वर्मा ने छात्र छात्राओं के प्रदर्शन की सराहना की और उन्होंने कहा की समय समय पर ऐसे कार्यक्रम का आयोजन अतिआवश्यक है, जिससे समाज में व्याप्त गंदगी को समाप्त कर सकें और स्वच्छ भारत अभियान को सफल बना सकें। इस कार्यक्रम में शिक्षा संकाय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थी।   
इसके पहले भी जीएलए  यूनिवर्सिटी ने कई सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया है और आशा है आगे भी करता रहेगा।
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