दिल्ली यूनिवर्सिटी के 54,000 अंडर ग्रजुएट सीटों पर दाखिले की दौड़ सोमवार 22 मई से शुरू हो गई लेकिन इस बीच दिल्ली से बाहर के उम्मीदवारों के लिए एक बुरी खबर है। दिल्ली हाई कोर्ट ने दाखिले को लेकर किए गए एक अपिल पर सुनवाई करते हुए केंद्र, राज्य और डीयू को निर्देश जारी करते हुए कहा कि दाखिले में दिल्ली के डोमिसाईल छात्रों की तरजीह दी जाए।
आपको बता दें दिल्ली विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र 2017-18 में स्नातक (यूजी कोर्सेज) की 54 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले की ऑनलाइन रेस 22 मई से शुरू होने जा रही है।
डिजिटल इंडिया अभियान पर चलते हुए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन बनाया गया है।यूजी कोर्सेज में स्पोर्ट्स कोटे-ईसीए, कश्मीरी विस्थापित, सीडब्ल्यू व पीडब्ल्यूडी श्रेणी के तहत भी आवेदन ऑनलाइन ही किया जा सकेगा।
वहीं नॉन कॉलेजिएट में भी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया ही अपनाई जाएगी। डीयू की ओर से दाखिले के संबंध में गाइडलाइंस व अन्य जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। कोर्ट में दाखिले को लेकर कुछ छात्रों ने यह अपील की थी कि डीयू में एडमिशन के दैरान दिल्ली के छात्रों को प्रिफरेंस मिलनी चाहिए जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी, केंद्र और दिल्ली सरकार को इस बाबत निर्देश जारी करते हुए दिल्ली के छात्रों को दाखिले में तरजीह देने की बात कही है।
इससे पहले यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए एक सेंट्रल एप्लिकेशन बोर्ड के जरिए आवेदन किया जाता था और इसमें दिल्ली के छात्रों को किसी भी प्रकार का फायदा नहीं दिया जाता था।
इस साल दाखिले की प्रक्रिया 22 मई से शुरू हो चुकी है। इसके अलावे यूजी स्तर पर जिन कोर्सेज में दाखिले प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होते हैं उनके लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 31 मई से होगी। इसी तरह सभी पीजी कोर्सेज व एमफिल व पीएचडी कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन भी 31 मई से किए जा सकेंगे।
फैसले के बाद अभी तक दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है।