जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा(GLA University) के इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में आई.ई.ई.ई.पी.ई.एस स्टूडेन्ट चैप्टर एवं इलैक्ट्रिकल सोसाइटी के अंतर्गत एक्सपर्ट लेक्चर का आयोजन हुआ। दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डी.टी.यू.) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.जनार्दन प्रसाद केसरी ने सौर ऊर्जा तकनीक के बारे में जानकारी दी।
डॉ. केसरी ने बताया कि किस प्रकार से हम सौर ऊर्जा को विद्युत एवं उष्मा ऊर्जा में परिवर्तित कर दैनिक उपयोग में ला सकते हैं। इस सन्दर्भ में उन्होंने अपने व्याख्यान के जरिए छात्रों को देश विदेश में इस्तेमाल हो रही विभिन्न तकनीकों को विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्रों को सौर ऊर्जा में अधिक से अधिक काम करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने छात्रों को भारत में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे विकास को दर्शाया। सोलर एअर हीटिंग सिस्टम, सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम, सोलर कलैक्टर्स, सोलर एनर्जी स्टोरेज, सोलर पी.वी डिजाइन आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी और बताया कि सौर ऊर्जा एक वैकल्पिक नवीकरणीय ऊर्जा है जो कम लागत और अपनी उच्च क्षमता की वजह से तेजी से मुख्य धारा का विकल्प बनती जा रही है।
सौर ऊर्जा के जरिए कार्य स्थलों एवं घरों के उपयोग के लिए विद्युत उत्पादन के साथ साथ सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से हम विद्युत चलित ड्रायर, कुकर, भट्टी, रेफ्रीजरेटर, और एसी भी चला सकते हैं। कार्यक्रम की शुरूआत में प्रतिकुलपति प्रो. आनन्द मोहन अग्रवाल ने कुलपति डॉ. दुर्ग सिंह चैहान की उपस्थिति में डॉ. केसरी का स्वागत किया एवं छात्रों को इस व्याख्यान के माध्यम से अधिक से आधिक ज्ञान अर्जित करने को कहा।
इस अवसर पर सुभाष चन्द्रा, रविशंकर तिवारी, मयंक गोयल, शक्ति सिंह सोनी, पवन कुमार, आशीष शाक्य, विकास कुमार आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विभाग के प्रभारी डॉ. संजय मौर्या ने छात्रों को सौर ऊर्जा तकनीक के क्षेत्र में मार्गदर्शन हेतु प्रेरित करने के लिए डॉ. केसरी का आभार व्यक्त किया।