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JEE MAINS 2018 : आंध्र के भोगी सूरज ने किया टॉप, 2.31 लाख ने जेईई एडवांस के लिए किया क्वॉलिफाई

Mon, 30 Apr 2018 09:24 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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जेईई मेन्स टॉपर सूरज कृष्णा
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन के नतीजे घोषित कर दिए। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के छात्र भोगी सूरज कृष्णा ने 360 में से 350 अंक के साथ देश भर में पहली रैंक हासिल की है। दूसरे स्थान पर भी आंध्र के ही केवीआर हेमंत कुमार चुडीपल्ली रहे। तीसरा स्थान राजस्थान के पार्थ लतूरिया को मिला है। हरियाणा के प्रणव गोयल को चौथा और दिल्ली के समरजीत सिंह सलूजा ने नौवां स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि इस बार टॉप छह छात्रों को 350 अंक मिले हैं। 

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जेईई मेन परीक्षा के लिए देशभर से 11,35,084 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था। कुल 2,31,024 को सफल घोषित किए गए हैं। अब ये छात्र आईआईटी और इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद के लिए होने वाली जेईई एडवांस परीक्षा में बैठेंगे। इस बार कुल 1,80,331 लड़कों और 50,693 लड़कियों ने जेईई एडवांस के लिए क्वॉलिफाई किया है। जेईई मेन की परीक्षा 112 शहरों के 1,613 भारतीय और 8 विदेशी केंद्रों पर कराई गई थी। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने टॉपर्स को फोन कर बधाई दी है।

सामान्य वर्ग की कटऑफ 7 फीसदी गिरी 
- जेईई के लिए सामान्य वर्ग की कटऑफ 74 फीसदी है। इसमें पिछले साल के मुकाबले सात फीसदी की गिरावट आई है। 
दो मई से जेईई एडवांस के लिए रजिस्ट्रेशन 
- चयनित छात्र आईआईटी में दाखिले के लिए जेईई एडवांस की परीक्षा देंगे। इसके लिए दो मई से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा।

जेईई एडवांस के लिए कटऑफ 
कॉमन रैंक लिस्ट सामान्य वर्ग    74 फीसदी 
ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर            45 फीसदी 
एससी                                     29 फीसदी  
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एसटी                                     24 फीसदी
दिव्यांग                                  35 फीसदी
 

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अंक समान तो रैंक अलग-अलग क्यों?

JEE MAINS exam
अंक समान तो रैंक अलग-अलग क्यों?
जवाब - मैथ्स, फिजिक्स और पाजीटिव टू नेगेटिव अनुपात से बनती है कटऑफ परीक्षा परिणाम में छह छात्रों के अंक 350 हैं, लेकिन टॉपर्स अलग-अलग। रिजल्ट के दौरान सबसे पहले छात्र का मैथ्स, फिर फिजिक्स और उसके बाद पॉजीटिव टू नेगेटिव अंक का विश्लेषण होता है। उसके बाद एक समान अंक होने के बाद भी टॉपर्स के नाम तय होते हैं। इस बार कटऑफ में सात फीसदी की गिरावट है, पिछले साल 81 फीसदी था तो इस बार 74 फीसदी है। जेईई मेन का पेपर होने के बाद विश्लेषण के आधार पर देखा गया था कि पिछले सालों के मुकाबले ओवरऑल पेपर कठिन था। 
- आरएल त्रिखा, पूर्व आईआईटीयन व फिटजी  

आईआईटी में लड़कियों के लिए 779 सीटें 
इस वर्ष 23 आईआईटी में लड़कियों को 14 फीसदी आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। रैंक के अनुसार कुल 779 सीटों पर दाखिले होंगे।
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