फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किताबों से है प्यार तो उन्हें इस तरह बनाएं अपनी सफलता की सीढ़ी

Sat, 17 Aug 2019 12:15 PM IST
Jaya Tripathi एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

लाइब्रेरी सिर्फ पुरानी किताबों का भंडार ही नहीं, सूचनाओं का भी घर है। इस दृष्टि से लाइब्रेरियन का पद महत्वपूर्ण हो जाता है। पुस्तकालयों के लगातार बढ़ते उपयोग के कारण लाइब्रेरी साइंस में युवाओं के लिए अच्छा भविष्य हो सकता है...

विज्ञापन


यदि आपको किताबों, पत्र-पत्रिकाओं और नवीनतम सूचनाओं से लगाव है। तो लाइब्रेरी साइंस को आप अपना करियर बना सकते हैं। वैसे भी पुस्तकों का संसार अनूठा होता है, और लाइब्रेरी ऐसी जगह होती है जहां इस संसार को अच्छी तरह बसाया जाता है। पर ज्ञान इस संसार को सहेजने के लिए भी उच्च स्तर की योग्यता चाहिए। यह योग्यता लाइब्रेरी साइंस के पाठ्यक्रम से हासिल हो सकती है। आजकल लाइब्रेरियों की संख्या में हो रहा इजाफा भी इस करियर विकल्प को बेहतर बना रहा है। बदलते समय के साथ लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा या डिग्रीधारकों के लिए सरकारी के अलावा निजी लाइब्रेरियों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। यानी इसमें करियर बनाने वालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है, बशर्ते उनके पास योग्यता हो।

जिम्मेदारी :

लाइब्रेरियन का काम सिर्फ किताबों का रख-रखाव करना ही नहीं होता है। बल्कि अन्य जर्नल्स एवं किताबों की सुरक्षा करना भी उसका दायित्व होता है। लाइब्रेरी की देखभाल और व्यवस्था, बजट तैयार करना, वर्गीकरण व कैटलॉगिंग और नई पुस्तकों आदि के बारे में रिकंमडेशन करना शामिल है। इसके अलावा लाइब्रेरियन को हमेशा किताबों से संबंधित जानकारियों एवं सूचनाओं से भी अपडेट होते रहना चाहिए। ताकि वह लाइब्रेरी की बेहतरी के लिए नए काम कर सके। इसके अलावा लाइब्रेरियन टेक्निकल, एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंस से संबंधित सारी बातों का इंचार्ज होता है।

ये भी पढ़ें- स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप स्कीम, 1.86 लाख रुपये तक मिलेगी छात्रवृत्ति
विज्ञापन
Trending Videos

पाठ्यक्रमः 

लाइब्रेरियनशिप के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग जरूरी होती है। लाइब्रेरी साइंस में एक वर्षीय बैचलर डिग्री पाठ्यक्रम करने के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम स्नातक स्तर की योग्यता होनी चाहिए। इसी तरह एक वर्षीय मास्टर्स डिग्री पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है। जिसके लिए अभ्यर्थी के पास लाइब्रेरी साइंस में बैचलर डिग्री होनी चाहिए। यदि विद्यार्थी इस क्षेत्र में अनुसंधान या टीचिंग जॉब पाना चाहता है, तो वह लाइब्रेरी साइंस में एमफिल या पीएचडी तक का पाठयक्रम करके भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है।

अवसर :

लाइब्रेरी साइंस में डिग्री या डिप्लोमा धारकों को सरकारी एवं निजी लाइब्रेरियों के अलावा' गैलरीज, आर्काइव्स, इन्फॉर्मेशन एंड डॉक्यूमेंटेशन सेंटर्स, पब्लिशिंग हाउस आदि में प्लेसमेंट मिल सकती है। इसी तरह उन्हें रिसर्च, कन्सल्टेंट्स कैटलॉगर्स आदि के रूप में कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर जॉब मिलने की संभावना होती है।

ये भी पढ़ें- ये सख्स ऐसे पहुंचा लुधियाना से जर्मनी, शुरू किया 60 करोड़ का बिजनेस
विज्ञापन

प्रमुख संस्थान :

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस 
  • बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (एक वर्षीय) 
  • अन्य संबंधित कोर्स
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय 
  • डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस 
  • बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (एक वर्षीय) 
  • मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (एक वर्षीय) 
अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, अन्नामलाई नगर 
  • मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (दो वर्षीय) 
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी 
  • डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस 
  • बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (एक वर्षीय) 
  • मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (एक वर्षीय)  
  • पीएचडी इन लाइब्रेरी साइंस (एक वर्षीय)
ये भी पढ़ें- स्कॉलरशिप की मदद से भारतीय छात्र-छात्राएं जा सकते हैं ऑस्ट्रेलिया, अब उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान

शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें। 
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें