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Bulli Bai Sulli Deals App Case: 250 पूर्व छात्रों ने एप के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पीएम, राष्ट्रपति को लिखा खुला पत्र 

सार

देश भर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों के 250 पूर्व छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंड को पत्र लिखकर बुल्ली बाई और सुल्ली डील्स एप के मामलों पर आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। 
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Bulli Bai Sulli Deals App Case Students writes letter to PM,President - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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देश भर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों के 250 पूर्व छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंड को पत्र लिखकर बुल्ली बाई एप और सुल्ली डील्स एप के मामलों के आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू), आईआईटी बॉम्बे, जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (एक्सएलआरआई) व नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) के पूर्व छात्रों ने पीएम और राष्ट्रपति को हस्ताक्षर करते हुए खुला पत्र लिखा है। इन पूर्व छात्रों ने आरोप लगाया है कि देश में मौजूदा परिस्थिति में महिलाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही जगहों पर असुरक्षित हैं। 

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शीर्ष पर बैठे प्रतिनिधियों पर उठाए सवाल
मुस्लिम महिलाओं की निजी तस्वीरों को वायरल व नीलाम करने वाली सुल्ली डील्स एप और बुल्ली बाई एप के खिलाफ  पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पूर्व छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इन मामलों पर शीर्ष पर बैठे प्रतिनिधि व अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है। यह गलत है और बिल्कुल भी उचित नही्ं है। महिलाओं की सुरक्षा के प्रति यह उदासीनता का संकेत देती है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि वह इन घृणा से भरे अपराधों के अपराधियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। पूर्व छात्रों ने इन मामलों से प्रभावित महिलाओं को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग करते हुए पत्र लिखा है। 


सोशल मीडिया पर किया जाता है ट्रोल 
पूर्व छात्रों ने कहा कि इन एप के जरिए बिना इजाजत के सोशल मीडिया से मुस्लिम महिलाओं की फोटो चुराकर, उनमें छेड़छाड़ करते हुए होस्टिंग प्लेटफॉर्म गिटगब के सहयोग से उन एप पर डाला जाता है। इन एप के जरिए हर उम्र की उन महिलाओं पर निशाना बनाया गया, जो ज्वलंत सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहती है। इन एप के जरिए मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करते हुए उनको सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है। साथ ही अपमानजनक शब्द का भी इस्तेमाल किया जाता है। 


स्कूली पाठ्यक्रम में मुद्दों को किया जाए शामिल
पीएम, राष्ट्रपति को लिखे पत्र में पूर्व छात्रों ने स्कूल के पाठ्यक्रमों में कम उम्र से ही सकारात्मक पुरुषत्व, लिंग और लिंग समाजीकरण के मुद्दों को शामिल करने का अनुरोध किया है। पूर्व छात्रों ने कहा कि युवा लड़के व लड़कियों को इन मुद्दों पर कम उम्र से ही प्रशिक्षण देना जरूरी है। 
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महिलाओं की अभ्यव्यक्ति के स्थान की है कमी
पूर्व छात्रों ने पत्र में लिखा है कि महिलाओं, विशेष रूप से अल्पसंख्यक व दलित महिलाओं एवं लड़कियों की अभिव्यक्ति और भागीदारी के स्थान के लिए समाज में कमी है। सामाजिक व्यवस्था और राजनीतिक अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के खिलाफ खड़ी रही है। विभिन्न स्थानों पर महिलाओं को डराने-धमकाने और उत्पीड़न की बढ़ती घटनाएं ऐसे मामलों को प्रोत्साहन देती हैं। यह एक खतरे का संकेत दे रही हैं। 
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