BITS Pilani Udbhav Hackathon
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प्रगुण मारवाह की नेक्स्टलैप टीम विजेता
हैकाथॉन में प्रगुण मारवाह की नेक्स्टलैप टीम ने पहला स्थान हासिल किया। नेक्स्टलैप एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य खिलाड़ियों को व्यक्तिगत करियर मार्ग, कौशल की पहचान और वित्तीय साक्षरता से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराकर उनके करियर और वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करना है।
दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन रहा?
हैकाथॉन में खीलभूमि.एआई (Kheelbhoomi.ai) ने दूसरा स्थान हासिल किया। यह अब तक इस्तेमाल नहीं हो रही जमीन की पहचान करने और खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उपग्रह आधारित मंच है। इसे अभिनीथ शरण, माही चौधरी और सूर्यांश गुप्ता ने तैयार किया है।
वहीं, ऑरा एस्क्रो तीसरे स्थान पर रहा। यह प्रशांत पांडेय और आपीच श्रीवास्तव द्वारा तैयार किया गया एल्गोरिदम आधारित सूक्ष्म अनुदान और खर्च के प्रमाण से जुड़ा मंच है।
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विजेताओं को नकद पुरस्कार और वाउचर मिले
हैकाथॉन के विजेताओं को इसके मुख्य प्रायोजकों द हॉस्टल कंपनी की ओर से नकद पुरस्कार और वाउचर दिए गए। इस कार्यक्रम में अमर उजाला ने मीडिया सहयोगी की भूमिका निभाई।
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क्या है केआरआईटीआई?
केआरआईटीआई यानी काकतीय सेंटर फॉर रूरल इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड इम्पैक्ट, बिट्स पिलानी का पूर्व छात्रों द्वारा वित्त पोषित सामाजिक प्रभाव और नवाचार केंद्र है। इसके पिलानी, गोवा और हैदराबाद परिसरों में केंद्र हैं।
केआरआईटीआई का उद्देश्य ऐसे समाधान तैयार करना है, जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके, जिनके प्रभाव को मापा जा सके और जिनमें समुदाय की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए केंद्र छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों को गैर-सरकारी संगठनों, फाउंडेशन, सरकारी संस्थाओं, कंपनियों और सामाजिक उद्यमों के साथ जोड़ता है।
इस केंद्र की स्थापना बिट्स पिलानी के पूर्व छात्र और सिएरा अटलांटिक के संस्थापक एवं पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजू रेड्डी की ओर से दिए गए 10 लाख डॉलर के फंड से हुई थी। उद्यमी और रेडबस.इन के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी फणींद्र सामा ने भी इसमें सहयोग किया था।
स्थापना के बाद से केआरआईटीआई ने हिरोशिमा विश्वविद्यालय के सहयोग से ग्राम यात्रा ग्रामीण अनुभव कार्यक्रम, केआरआईटीआई-सॉल्व परियोजना अनुदान, सोशल इम्पैक्ट सीरीज और सोशल इम्पैक्ट चैलेंज जैसी पहलें चलाई हैं।