Bihar Board Exams: बोर्ड परीक्षा के आयोजन में सरकार की लापरवाही का एक और नमूना सामने आया है। बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट (बारहवीं) की परीक्षाएं 1 फरवरी, 2022 से शुरू कर दी गई है। इस परीक्षा में राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर करीब 13 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं। बिहार बोर्ड ने परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए कई बड़े दावे किए हैं। हालांकि, राज्य से ऐसी तस्वीरे सामने आ रही हैं, जो बिहार सरकार के दावों की पोल खोल रही है।
Bihar Board Exams: मोतिहारी में बड़ी लापरवाही
बारहवीं बोर्ड की परीक्षा के पहले दिन मोतिहारी के किशोर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बड़ी लापरवाही हुई। यहां छात्रों ने रात आठ बजे तक बोर्ड की परीक्षा दी। लापरवाही का आलम ऐसा रहा कि छात्रों को गाड़ियों की हेडलाइट और भाड़े के जेनरेटर मंगाकर रौशनी कर के परीक्षा दिलवाई गई।
Bihar Board Exams: 4.30 बजे तक नहीं मिली उत्तर पुस्तिका
महाराजा हरेन्द्र किशोर कॉलेज केंद्र पर बारहवीं बोर्ड की दूसरी पाली की परीक्षा 5 बजे समाप्त होनी थी, लेकिन शाम 4.30 बजे तक उन्हें उत्तर पुस्तिका नहीं सौंपी गई। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर हंगामा करना पड़ गया। हंगामे इतना ज्यादा हुआ कि परीक्षा केंद्र पर पुलिस को भी आना पड़ गया। शाम 4.30 के बाद छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिका सौंपी गई। इसके बाद छात्रों ने रात आठ बजे तक गाड़ियों की हेडलाइट और जेनरेटर के रौशनी में परीक्षा दी।
Bihar Board Exams: पहले दिन गणित और हिंदी की परीक्षा
राज्य में बारहवीं बोर्ड के लिए पहले दिन गणित और हिंदी के विषय की परीक्षा हुई। बोर्ड परीक्षा दो पाली में सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक और दोपहर 1.45 बजे से शाम 4.30 बजे तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा 1 फरवरी से शुरू हुई थी और 14 फरवरी को समाप्त होगी।