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हिन्दुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी में डायबिटीज़ अवैयरनेस लैसन

Mon, 27 Nov 2017 02:26 PM IST
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फरह, स्थित शारदा ग्रुप के प्रतिष्ठित संस्थान हिन्दुस्तान कालेज ऑफ साइंस  एण्ड टैक्नोलौजी में मधुमेह जागरूकता प्रोग्राम (डायबिटीज़ अवैयरनेस लैसन), लायन्स क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 321-2सी के तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस आयोजन में लगभग 1200 छात्र-छात्राओं व लायन्स क्लब के सदस्यों ने भागीदारी की। 
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यह आयोजन लायन्स क्लब इंटरनेशनल द्वारा देश के 100 से अधिक शहरों में एक समय पर ही आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य था पूरे देश में एक लाख से अधिक युवाओं और मध्य आयुवर्ग के नागरिकों को डायबिटीज़ के खतरे के प्रति आगाह करना, इसकी रोकथाम करना व इसे नियत्रित कर स्वस्थ जीवन यापन करना। लायंस क्लब का यह प्रयास था कि यह विश्व का ऐसा सबसे बड़ा आयोजन बने और इसे गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में स्थान मिले। इस उद्देश्य से पूरे आयोजन की विडियों रिकार्डिग कर चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट के सर्टिफिकेट के साथ गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड के प्रतिनिधि को अग्रसारित कर दी गई।   

इस आयोजन को डा. ए.के. गुप्ता, जो कि एकप्रतिष्ठित फिजीशियन व डायबटौलौजिस्ट है , विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर एस.एन. मैडीकल कालेज व डा. बी.बी. माहेश्वरी, फिजीशियन व कार्डियोलौजिस्ट, विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर एस.एन. मैडीकल कालेज ने सम्बोधित किया। उन्होंने छात्रों को बताया कि डायबिटीज एक लाइफ स्टाइल डिज़ीजश है और रोकथाम द्वारा इसे लम्बे समय के लिये टाला जा सकता है। इसके लिये जरुरी है सही खान-पान की, 40 मिनट प्रतिदिन सुबह-शाम (मिलाकर) पैदल चलने या अन्य प्रकार की फिजीकल एक्सरसाइज करने की, तथा चिंतामुक्त और नियमित जीवनशैली व अच्छी नींद लेने की। 
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डा. गुप्ता ने छात्रों को आगाह किया कि बैठकर काम करने की शैली व श्रमहीनता आज के युवा वर्ग में महामारी की तरह फैल गई है और युवा वर्ग कम्प्यूटर गेम्स व टी.वी., फेसबुक व सोषल मीडिया इत्यादि में इतना व्यस्त रहता है कि खेलकूद, व्यायाम व जिम, भ्रमण करना, योगा व मैडीटेशन से बहुत दूर हो चुका है की। उनमे जंक फूडश इत्यादि का सेवन इतना बढ़ चुका है कि डायबिटीज़ की बीमारी अब टीनएज और युवा वर्ग दोनों में काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। इसके अलावा अधिक वजन, मादक पदार्थों व एलकोहल का सेवन से बचना होगा।  

डा. माहेश्वरी ने स्लाइड शो के द्वारा किस तरीके की एक्सरसाइज व श्रम अथवा योगा व मैडीटेशन तथा भोज्य व अभोज्य पदार्थों के सेवन को जीवन में समायोजित करने के ऊपर प्रकाश डाला । उन्होंने बताया कि आफिस में काम करने वाले लोगो को 1800 कि केलौरी से कम ऊर्जा वाले भोजन दिनचर्या में लेनी चाहिए तथा डाइट चार्ट के द्वारा इसे नियत्रिंत करना चाहिए। खाली पेट 126 से कम और भोजन के बाद 200 से कम मि.ग्रा. प्रति डी. लि. शुगर अगर है तो डायबिटिज नहीं माना जायेगा।

लायन्स क्लब के डिस्ट्रिक्ट गर्वनर श्री पारस अग्रवाल ने बच्चों को डायबिटीज जागरूकता की शपथ दिलाई और उन्हें लायन्स जूनियर क्लब का सदस्य बनने के लिये आवाहन किया। इसके साथ ही कालेज के चिकित्साधिकारी डा. कश्यप ने धन्यवाद ज्ञापन किया। 

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