बागची ने वाइस प्रिंसिपल पर छात्रों को परेशान करने का आरोप लगाया
वाइस प्रिंसिपल पर मामले को भड़काने का आरोप लगाते हुए बागची ने कहा, "उन्होंने छात्रों के खिलाफ एक व्यवस्था बना दी थी। 75 प्रतिशत उपस्थिति का मानदंड तार्किक है, लेकिन छात्रों को परेशान किया गया और कई मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण वे दबाव में रहे। अधिकारी उन छात्रों के साथ खुले और भय-मुक्त माहौल में बातचीत क्यों शुरू नहीं करते जो पात्रता मानदंड पूरा करने के बाद परीक्षा में बैठने के इच्छुक हैं?"
छात्रों ने 40% से कम अटेंडेंस को लेकर क्या दावा किया?
- प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दावा किया कि 75 प्रतिशत अटेंडेंस का नियम लागू होने पर करीब 900 में से 600 छात्र परीक्षा नहीं दे पाएंगे।
- छात्रों के अनुसार, एक सेमेस्टर में 180 में से 144 छात्रों की अटेंडेंस 40 प्रतिशत से कम थी।
- कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने गुरुवार को कौस्तव बागची के साथ बैठक की।
- बैठक के बाद तय हुआ कि छात्र स्व-घोषणा के आधार पर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
- हालांकि, इस फैसले के बाद भी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और कॉलेज परिसर में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।