असम बोर्ड ने अभी तक दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द नहीं किया है। सूबे के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि सूबे में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन तभी किया जाएगा जब कोरोना संक्रमण दर 2 फीसदी से कम होगी। उन्होंने कहा कि अगर 1 जुलाई तक कोरोना संक्रमण दर 2 फीसदी से ज्यादा हुई तो दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाएगा।
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आपको बता दें कि कई राज्यों के बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इन राज्यों में दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास किया जाएगा। सबसे पहले 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की। इसके बाद से आईसीएसई बोर्ड ने भी बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया। फिर धीरे-धीरे हरियाणा बोर्ड, यूपी बोर्ड, गुजरात बोर्ड और मध्यप्रदेश बोर्ड सहित कई राज्यों के बोर्ड ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा कर दी।
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लेकिन असम बोर्ड ने अभी तक दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द नहीं किया है। सूबे में वर्तमान में कोरोना संक्रमण दर 3.24 प्रतिशत है। इससे पहले असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल ( AHSEC) का कहना था कि बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का आयोजन जुलाई-अगस्त में किया जाएगा। वहीं, काउंसिल ने अभी तक दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की तारीख घोषित नहीं की है। वहीं, शिक्षा मंत्री का कहना था कि स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श के बाद परीक्षाओं के लिए दिशा-निर्देश और एसओपी जारी किए जाएंगे।