असम बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को अभी तक रद्द नहीं किया है। वहीं, सूबे की विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को खत लिखकर दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का समर्थन करते हुए सूबे की सरकार से इस संबंध में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। सूबे के कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने दसवीं व बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के लिए आंतरिक मूल्यांकन मानदंड तय करने के लिए भी कहा है।
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उन्होंने कहा कि एक ऐसा तंत्र बने जो मूल्यांकन योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि यह तभी होगा जब प्रख्यात शिक्षाविदों, छात्र संघों, स्वयं छात्रों और अन्य महत्वपूर्ण हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि मुझे उम्मीद है सरकार छात्रों के पक्ष में एक बहुत ही व्यावहारिक निर्णय लेगी। गौरतलब है कि सीबीएसई बोर्ड द्वारा दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद कई राज्यों के बोर्ड ने भी दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। जबकि, अभी असम में इसे लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। यह भी कहा जा रहा है कि सूबे में जल्द ही दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अहम घोषणा हो सकती है।
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1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी। इसके बाद से आईसीएसई बोर्ड ने भी बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया था। फिर धीरे-धीरे हरियाणा से लेकर यूपी बोर्ड एवं उत्तराखंड बोर्ड से लेकर मध्यप्रदेश बोर्ड तक ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द किया था। अभी तक करीब 14 के आसपास राज्य बोर्ड बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित कर चुके हैं।