फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arunachal Pradesh: वैज्ञानिकों ने खोजीं होया पौधों की दो दुर्लभ प्रजातियां; सीएम खांडू ने बताया गौरव का क्षण

Sat, 08 Nov 2025 02:57 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश में बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों ने होया पौधों की दो दुर्लभ प्रजातियां खोजी हैं। इनमें से होया चिंगहुंगेंसिस भारत में पहली बार दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए इसे राज्य की जैव विविधता के लिए गर्व का क्षण बताया।
 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को बताया कि बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) के क्षेत्रीय केंद्र के वैज्ञानिकों ने राज्य में होया पौधों की दो दुर्लभ प्रजातियां खोजी हैं। यह खोज राज्य की पुष्पीय विविधता के दस्तावेजीकरण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

विज्ञापन

भारत में पहली बार दर्ज हुई Hoya chinghungensis

मुख्यमंत्री खांडू ने बताया कि होया चिंगहुंगेंसिस (Hoya chinghungensis) प्रजाति को भारत में पहली बार दर्ज किया गया है, जबकि होया एक्यूमिनाटा (Hoya acuminata) प्रजाति को पहली बार अरुणाचल प्रदेश में पाया गया है।

उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, अरुणाचल प्रदेश रीजनल सेंटर, ईटानगर की पूरी टीम को इस अद्भुत वैज्ञानिक योगदान के लिए हार्दिक बधाई।”

तीन जिलों में हुई खोज

यह खोज ईस्ट कामेंग, पक्के केसांग और लॉन्गडिंग जिलों में किए गए व्यापक पुष्पीय सर्वेक्षण (floristic exploration) के दौरान की गई। खांडू ने वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह खोज एक बार फिर साबित करती है कि अरुणाचल प्रदेश की जैव विविधता कितनी समृद्ध और अद्वितीय है।

उन्होंने लिखा, “हमारे वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए गर्व का क्षण है। हमारी वनों में ऐसी और भी कई खोजें हमारा इंतजार कर रही हैं!”

बीएसआई वैज्ञानिकों की यह खोज इस बात को मजबूत करती है कि अरुणाचल प्रदेश वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है। राज्य के कई वन क्षेत्र अभी भी वैज्ञानिक रूप से अन्वेषित नहीं किए गए हैं। Hoya जीनस को आमतौर पर वैक्स प्लांट (Wax Plant) कहा जाता है। यह अपने तारानुमा (Star-shaped) फूलों और वन पारिस्थितिकी में पारिस्थितिक महत्व के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन

पूर्वी हिमालय में संरक्षण की अहमियत

विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई खोजों से न केवल भारत की पुष्पीय विविधता सूची (Floristic Records) विस्तृत होगी, बल्कि यह भी स्पष्ट होता है कि पूर्वी हिमालय क्षेत्र में निरंतर वैज्ञानिक अन्वेषण और संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता बनी हुई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें