भारत में पहली बार दर्ज हुई Hoya chinghungensis
मुख्यमंत्री खांडू ने बताया कि होया चिंगहुंगेंसिस (Hoya chinghungensis) प्रजाति को भारत में पहली बार दर्ज किया गया है, जबकि होया एक्यूमिनाटा (Hoya acuminata) प्रजाति को पहली बार अरुणाचल प्रदेश में पाया गया है।
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, अरुणाचल प्रदेश रीजनल सेंटर, ईटानगर की पूरी टीम को इस अद्भुत वैज्ञानिक योगदान के लिए हार्दिक बधाई।”
तीन जिलों में हुई खोज
यह खोज ईस्ट कामेंग, पक्के केसांग और लॉन्गडिंग जिलों में किए गए व्यापक पुष्पीय सर्वेक्षण (floristic exploration) के दौरान की गई। खांडू ने वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह खोज एक बार फिर साबित करती है कि अरुणाचल प्रदेश की जैव विविधता कितनी समृद्ध और अद्वितीय है।
उन्होंने लिखा, “हमारे वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए गर्व का क्षण है। हमारी वनों में ऐसी और भी कई खोजें हमारा इंतजार कर रही हैं!”
बीएसआई वैज्ञानिकों की यह खोज इस बात को मजबूत करती है कि अरुणाचल प्रदेश वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है। राज्य के कई वन क्षेत्र अभी भी वैज्ञानिक रूप से अन्वेषित नहीं किए गए हैं। Hoya जीनस को आमतौर पर वैक्स प्लांट (Wax Plant) कहा जाता है। यह अपने तारानुमा (Star-shaped) फूलों और वन पारिस्थितिकी में पारिस्थितिक महत्व के लिए जाना जाता है।
पूर्वी हिमालय में संरक्षण की अहमियत
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई खोजों से न केवल भारत की पुष्पीय विविधता सूची (Floristic Records) विस्तृत होगी, बल्कि यह भी स्पष्ट होता है कि पूर्वी हिमालय क्षेत्र में निरंतर वैज्ञानिक अन्वेषण और संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता बनी हुई है।