एम्स, नई दिल्ली करता है आईएनआई-सीईटी का आयोजन
याचिका में कहा गया है कि आईएनआई-सीईटी का आयोजन एवं संचालन एम्स, नई दिल्ली द्वारा किया जाता है और इस साल 19 सितंबर को एम्स द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें आईएनआई-सीईटी जुलाई 2022 सत्र की काउंसलिंग के लिए ओपन राउंड को रद्द करने के फैसले की जानकारी दी गई थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने मौखिक रूप से चिंता जताते हुए कहा कि हमें जो परेशान कर रही है वह यह है कि ओपन राउंड को रोकने के परिणामस्वरूप 454 सीटें खाली रह गई हैं।
तीनों याचिकाकर्ताओं ने सोच-समझकर जोखिम लिया था
शीर्ष अदालत में दायर एक हलफनामे में, एम्स ने कहा कि आईएनआई-सीईटी के माध्यम से प्रवेश की प्रक्रिया 31 अगस्त, 2022 को बंद कर दी गई थी। इसने कहा कि पांच में से तीन याचिकाकर्ताओं को दूसरे दौर की काउंसलिंग में सीटों का आवंटन और पेशकश की गई थी। हलफनामे में कहा गया है कि इन तीनों याचिकाकर्ताओं ने सोच-समझकर जोखिम लिया था और दूसरे दौर की काउंसलिंग के बाद उन सीटों को नहीं लेने का विकल्प चुना और अगले राउंड मनपसंद सीट पाने की उम्मीद में बने रहे, जोकि नहीं हुआ।
याचिकाकर्ताओं ने गुमराह करने की कोशिश की
एम्स के हलफनामे में कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं ने आईएनआई-सीईटी और नीट परीक्षा के बीच समानांतर रेखा खींचकर अदालत को गुमराह करने की कोशिश की है। इसने कहा कि आईएनआई सीईटी का दूसरा दौर 13 नवंबर, 2022 को हुआ है और इसके परिणाम 19 नवंबर को आने वाले हैं। हलफनामे में कहा गया है कि पिछले सत्र की काउंसलिंग का अतिरिक्त दौर आयोजित करना परीक्षा के परिणामों को बिगाड़ना होगा, बल्कि इससे पहले आवंटित सीटों के कारण डॉक्टरों को सौंपे गए विभागों से इस्तीफा भी देना होगा और इसका पूरे देश में प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इससे प्रवेश की पूरी प्रक्रिया बाधित होगी
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता अब आईएनआई सीईटी काउंसलिंग के एक अतिरिक्त राउंड में भाग लेने के लिए अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकते हैं, इससे प्रवेश की पूरी प्रक्रिया बाधित होगी। याचिका में केंद्र और एम्स सहित अन्य को आईएनआई-सीईटी काउंसलिंग के लिए एक अतिरिक्त राउंड को बिना किसी देरी के आयोजित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।