मिलेट को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) प्रतियोगिता के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगा। तकनीकी कॉलेजों के छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों के माध्यम से आम लोगों को मिलेट रेसिपी और मिलेट खाने के फायदों के बारे में बताया जाएगा।
इसके लिए एआईसीटीई मिलेट रेसिपी अनलीशिंग टैलेंट (अमरुत) प्रतियोगिता शुरू की जा रही है। एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त तकनीकी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले मार्च में दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने बुधवार को अमरुत प्रतियोगिता को लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि खानपान को लेकर एआईसीटीई की ओर से पहली बार इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसका मकसद आम लोगों को मिलेट से जोड़ना है, ताकि वे उसके फायदों से अवगत हो सकें। प्रतियोगिता में तकनीकी कॉलेजों के छात्र, शिक्षक और सहायक कर्मचारी मिलेट से तैयार अपने नवीन और पारंपरिक व्यंजनों के साथ भाग ले सकते हैं। इसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिभागी शामिल होंगे। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में मिलेट से बने व्यंजनों का स्वाद और उससे जुड़ी परंपराएं देखने को मिलेंगी।
भारत में इंटरनेशनल मिलेट इयर- 2023 के दौरान स्वास्थ्य, पर्यावरण और आर्थिक विकास पर मिलेट के लाभ के बारे में जागरूक किया गया। इसी के तहत मिलेट की खपत को प्रोत्साहित करना और इससे बने उत्पादों के लिए प्रतियोगिता के माध्यम से एक बड़ा बाजार तैयार करना है।
स्टार्टर, मेन कोर्स और डेजर्ट में परख
प्रतियोगिता के तहत तीन श्रेणियों स्टार्टर, मेन कोर्स और डेजर्ट में रेसिपी आमंत्रित की जा रही है। वहीं तीन उपश्रेणियों में कन्फेक्शनरी की रेसिपी भी रहेगी। ये उपश्रेणी हैं, जिसमें बाजरा अनुपात 70 फीसदी और उससे अधिक 50 से 70 फीसदी और 30-50 फीसदी। रेसिपी की विशिष्टता और नवीनता के आधार पर एक विशेषज्ञ कमेटी मूल्यांकन के बाद टीमों को ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित किया जाएगा। चयनित टीमें मार्च में दिल्ली में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में भाग लेंगी। प्रत्येक उपश्रेणी की विजेता टीमों को प्रमाण पत्र और 1 लाख रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा।