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SOL: स्पोर्ट्स के जरिये हो सकेंगे दाखिले, खेल नीति दस्तावेज किया गया लॉन्च; एडमिशन के लिए बनेगी कमेटी

Thu, 23 Jan 2025 08:07 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो

सार

SOL Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में भी अब स्पोर्ट्स (खेल) के माध्यम से दाखिले हो सकेंगे। एसओएल ने इसके लिए खेल नीति तैयार कर ली है।
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SOL Admission - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
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SOL Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में भी अब स्पोर्ट्स (खेल) के माध्यम से दाखिले हो सकेंगे। एसओएल ने इसके लिए खेल नीति तैयार कर ली है। बुधवार (22 जनवरी) को एसओएल के एक कार्यक्रम में इस खेल नीति दस्तावेज का विमोचन कर दिया गया। जल्द ही इस नीति को आगे बढ़ाने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।
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यह कमेटी इस नीति के तहत दाखिले, पुरस्कार व छात्रवृत्ति के संबंध में फैसला करेगी। मालूम हो कि अब तक डीयू के नियमित कॉलेजों में खेल कोटे के तहत ट्रायल और सर्टिफिकेट के माध्यम से दाखिले होते हैं।

खेल नीति दस्तावेज तैयार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खेल को छात्रों के बीच प्रमोट करने की बात कही गई है, उसी पर अमल करते हुए एसओएल ने यह खेल नीति दस्तावेज तैयार किया है। अब जो कमेटी बनाई जाएगी वह इस नीति के तहत दाखिले, पुरस्कार व छात्रवृत्ति के संबंध में फैसला लेगी।

श्रीराम ऑडिटोरियम की रखी आधारशिला

बुधवार को डीयू के दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग के तहत एसओएल परिसर में श्रीराम ऑडिटोरियम की आधारशिला रखी गई। इसके साथ ही मुक्त शिक्षा विद्यालय के कॉल सेंटर, मीटिंग रूम और शिशुओं के लिए   समर्पित क्रेच सुविधा का उद्घाटन भी किया गया।
इस कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी (दिल्ली शाखा) की अध्यक्ष एवं शिक्षा विद् संगीता सक्सेना बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की।
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मेधावी छात्र को सम्मानित करते कुलपति प्रो. योगेश सिंह। - फोटो : संवाद

शीर्ष पांच मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि शिक्षा में राम की बहुत उपयोगिता है। ऐसे व्यक्तित्व के नाम पर सभागार होगा तो अच्छे भाव ही पैदा होंगे। कुलपति ने ओपन लर्निंग में वक्त के साथ परिवर्तनों पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपने देश के दूरस्थ शिक्षा के चेहरे को बदलना है। कार्यक्रम के दौरान शीर्ष पांच मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। 8.5 से अधिक सीजीपीए प्राप्त करने वाली सभी महिला विद्यार्थियों को भी समारोह के दौरान विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर संगीता सक्सेना ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर हमें कुछ मिलता है तो उसके बदले कुछ देने या लौटाने की जिम्मेदारी और भी बढ़ती है। इस अवसर पर कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो, डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलिराम पाणि, डीयू के दक्षिणी परिसर निदेशक प्रो. प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।
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