फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IIT: जेईई एडवांस्ड की मेरिट लिस्ट से विदेशी आईआईटी कैंपस में नहीं मिलेगा एडमिशन, पढ़िए पूरी खबर

Fri, 07 Jul 2023 06:06 AM IST
जलज मिश्रा सीमा शर्मा, अमर उजाला

सार

आईआईटी मद्रास का तंजानिया में स्थापित होने वाले कैंपस में आईआईटी मद्रास शुरुआती सालों में मेंटर की भूमिका में काम करेगा। जब विदेशी कैंपस तीन, चार या पांच साल में पूरी तरह से डेवलेप हो जाएगा तो तंजानिया कैंपस आईआईटी तंजानिया हो जाएगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईआईटी के विदेशों में स्थापित होने वाले कैंपस में दाखिला जेईई एडवांस्ड की मेरिट से नहीं मिलेगा। आईआईटी प्रबंधन अपने विदेशी कैंपस में दाखिले के लिए इंटरनेशनल मानकों और एडवांस्ड की तर्ज पर नई दाखिला प्रवेश परीक्षा बनाने की तैयारी कर रही है। हालांकि दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली जेईई एडवांस्ड की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसका मकसद इसका मकसद आईआईटी ब्रांड और गुणवत्ता को कायम रखना है। यहां दाखिले और भर्ती में भारत सरकार के कोई आरक्षण नियम लागू नहीं होंगे।

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आईआईटी के विदेशों में स्थापित होने वाले कैंपस में जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड की मेरिट से दाखिले नहीं होंगे। आईआईटी ब्रांड और गुणवत्ता से समझौते किये बगैर इंटरनेशनल मानकों से नई दाखिला प्रवेश परीक्षा लाने की योजना है। इसके लिए आईआईटी काउंसिल में एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया था। आईआईटी का मानना था कि बेशक विदेशों में आईआईटी कैंपस स्थापित किये जाएं, लेकिन दाखिला और पढ़ाई के मामले में दुनियाभर में आईआईटी ब्रांड और गुणवत्ता कम नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आईआईटी काउंसिल विशेष मापदंड तैयार करेंगी।

10 छात्रों पर एक शिक्षक

विज्ञापन

इंटरनेशनल मानकों के तहत इन कैंपस में 10 छात्रों पर एक शिक्षक होगा। गुणवत्ता और योग्यता की मेरिट के आधार पर नियुक्ति होगी। एक विभाग में कम से कम 20 फैकल्टी रखनी अनिवार्य होगी। इन कैंपस में आईआईटी इंटरनेशनल सेंटर भी बनेंगे। इसका काम विदेशी छात्रों को भारत के आईआईटी कैंपस से जोड़ना भी रहेगा। आईआईटी एल्यूमनाई के साथ भारतीय दूतावास भी इन कैंपस में सहयोग करेंगे।

भारतीय आईआईटी का नाम सिर्फ मेंटरशिप तक चलेगा
आईआईटी मद्रास का तंजानिया में स्थापित होने वाले कैंपस में आईआईटी मद्रास शुरुआती सालों में मेंटर की भूमिका में काम करेगा। जब विदेशी कैंपस तीन, चार या पांच साल में पूरी तरह से डेवलेप हो जाएगा तो तंजानिया कैंपस आईआईटी तंजानिया हो जाएगा। हालांकि जब भी जरूरत होगी तो आईआईटी मद्रास सहयोग देगा। आईआईटी मद्रास पाठ्यक्रम, कोर्स, रिसर्च में सहयोग करेगा। कुछ इंटरडिसिप्लनरी प्रोग्राम एक साथ मिलकर भी चलाने की योजना है।शुरुआत में कम छात्रों, कुछ प्रोग्राम से शुरुआत होंगी। इसके बाद धीरे -धीरे सीटों की संख्या और कोर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।

रिसर्च को विदेशी कैंपस से देश के आईआईटी कैंपस से जोड़ा जाएगा  

विज्ञापन

आईआईटी की दुनियाभर में ब्रांडिंग की जाएगी। विदेशी कैंपस में बीटेक प्रोग्राम की पढ़ाई पर फोकस रहेगा। जबकि एमटेक और पीएचडी प्रोग्राम में विदेशी छात्रों को रिसर्च क्षेत्र में भारत के आईआईटी कैंपस से जोड़ना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें