रायपुर एम्स में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, भ्रामक जानकारियों के चलते छात्रों को तनाव लेने की जरूरत नहीं है। सरकार इस वर्ष नेक्स्ट नहीं करवा रही है, इसलिए 2019 बैच इस प्रक्रिया से बाहर रहेगा।
एमबीबीएस के 2019 बैच के विद्यार्थियों को लाइसेंस के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) नहीं देना होगा। सरकार अगले वर्ष परीक्षा कराएगी, जिसमें 2020 बैच के छात्र शामिल होंगे। यह जानकारी बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने दी। एमबीबीएस छात्रों को पीजी में दाखिले और भारत में प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस व पंजीकरण के लिए नेक्स्ट पास करना अनिवार्य होगा।
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रायपुर एम्स में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, भ्रामक जानकारियों के चलते छात्रों को तनाव लेने की जरूरत नहीं है। सरकार इस वर्ष नेक्स्ट नहीं करवा रही है, इसलिए 2019 बैच इस प्रक्रिया से बाहर रहेगा। अगले वर्ष नेक्स्ट में 2020 बैच के छात्र शामिल होंगे।
आईएमए ने कहा- नेक्स्ट का मौजूदा स्वरूप राष्ट्र को पहुंचाएगा क्षति
वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एमबीबीएस छात्रों के लिए अगले वर्ष से होने वाली नेक्स्ट परीक्षा का विरोध किया है। नेक्स्ट को लेकर अभ्यास परीक्षा 28 जुलाई को होगी। आईएमए का कहना है कि इस परीक्षा का मौजूदा स्वरूप राष्ट्र के लिए क्षति है। इसलिए आईएमए ने सरकार से तत्काल इसमें संशोधन की मांग की है।
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आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद कुमार अग्रवाल ने बताया कि नेक्स्ट परीक्षा को तब तक लागू नहीं करना चाहिए जब तक कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा के समान मानक को सुनिश्चित नहीं कर देता।