दो वर्षों में 1.62 लाख की छात्रवृत्ति
इस पहल के तहत हर साल छह एमबीए छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। कुल 1.62 करोड़ रुपये की राशि दो साल में वितरित होगी। यह रकम दो किस्तों में (प्रत्येक 81 लाख रुपये) छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर दी जाएगी।
आईआईएम कोलकाता के डीन (डेवलपमेंट एवं एक्सटर्नल रिलेशंस) सुमंता बसु ने साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा, "यह लीडरशिप डेवलपमेंट, गतिविधियों के विविधीकरण और शोध सहयोग पर हमारे साझा फोकस के अनुरूप है।" वहीं, अडानी ग्रुप की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (AALP Intake) सुभाश्री आर. वेंकटराज ने कहा कि इस पहल का मकसद आंतरिक टैलेंट पूल तैयार करना है, जो "सफलता की कुंजी" है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अडानी ग्रुप के नेताओं से बातचीत की। अडानी एयरपोर्ट्स के सीईओ अरुण बंसल ने छात्रों को "जिज्ञासु और विनम्र बने रहने" की सलाह दी। वहीं, प्रमोटर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडानी ने कहा कि समूह की भूमिका "टैलेंट बिल्डिंग को प्रोत्साहित करने में है, जिससे संगठन निर्माण संभव होता है।"