कांग्रेस सदस्य शशि थरूर ने आईआईटी में रिक्तियों, छात्र शिक्षक अनुपात की जानकारी मांगी थी। मंत्रालय ने फिलहाल आरक्षित वर्ग के स्टाफ का श्रेणीवार आंकड़ा नहीं दिया। लेकिन दिसंबर 2021 में दिए आंकड़ों के मुताबिक देशभर के आईआईटी में अनुसूचित जनजाति के 32, अनुसूचित जाति के 183 और अन्य पिछड़ा वर्ग से 462 फैकल्टी सदस्य थे।
देश के 23 आईआईटी में 40 फीसदी से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के लोकसभा में दिए आंकड़ों के मुताबिक देश भर के सभी आईआईटी में इस वक्त 6,511 शिक्षण फैकल्टी के सदस्य हैं, वहीं 4,370 पद खाली हैं। काम कर रहे स्टाफ में महज 12 फीसदी आरक्षित श्रेणी के हैं, जबकि आरक्षण नीति की आदर्श स्थिति में कम से कम 59.5 फीसदी होनी चाहिए।
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कांग्रेस सदस्य शशि थरूर ने आईआईटी में रिक्तियों, छात्र शिक्षक अनुपात की जानकारी मांगी थी। मंत्रालय ने फिलहाल आरक्षित वर्ग के स्टाफ का श्रेणीवार आंकड़ा नहीं दिया। लेकिन दिसंबर 2021 में दिए आंकड़ों के मुताबिक देशभर के आईआईटी में अनुसूचित जनजाति के 32, अनुसूचित जाति के 183 और अन्य पिछड़ा वर्ग से 462 फैकल्टी सदस्य थे।
कहां कितने पद खाली
शहर
पद (फीसदी में)
धनबाद
57.2
खड़गपुर
53.4
दिल्ली
9.4
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आईआईटी बॉम्बे में सबसे कम आरक्षित श्रेणी का स्टाफ
आंकड़ों को देखें तो आरक्षित श्रेणी का सबसे कम फैकल्टी स्टाफ आईआईटी बॉम्बे में है। यहां कुल 693 फैकल्टी सदस्यों में महज 3.8 फीसदी आरक्षित श्रेणी से है। आईआईटी दिल्ली में भी सिर्फ 6.5 फीसदी स्टाफ इस श्रेणी से है।
मिशन मोड में हो रहीं भर्तियां
शशि थरूर सवाल पर सरकार ने लोकसभा में बताया कि आईआईटी में शिक्षण स्टाफ की भर्ती मिशन मोड पर है। विशेष भर्ती अभियान के तहत सितंबर 2022 तक यहां आरक्षित श्रेणी की नियुक्तियां करने का लक्ष्य है।