Indian Institute Of Technology
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बीते दो साल से देश के विभिन्न प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में करीब 10 हजार सीटें रिक्त हैं। वहीं, एनआईटी में 8700 सीटें रिक्त पड़ी हैं। यह सीटें संस्थान के विभिन्न विभागों में हैं। इस बात की जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लिखित रूप में राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी।
डेटा के अनुसार साल 2020-21 में आईआईटी में 5,484 सीटें रिक्त थीं। इनमें 476 सीटें स्नातक (बीटेक) पाठ्यक्रमों की थीं। वहीं, 3,229 सीटें स्नातकोत्तर और 1,779 सीटें पीएचडी पाठ्यक्रमों में खाली थी। साल 2021-22 में आईआईटी में रिक्त सीटों की संख्या 5,296 थी, जो पिछले साल से कम थी। इनमें 361 सीटें बीटेक, 3,083 स्नातकोत्तर और 1,852 सीटें पीएचडी पाठ्यक्रम की थी।
एनआईटी में इस साल रिक्त सीटें बढ़ी
डेटा के अनुसार विभिन्न एनआईटी में साल 2020-2021 में 3,741 सीटें रिक्त थी। साल 2021-2022 में यह आकड़ा बढ़कर 5,012 हो गया था। इनमें सबसे ज्यादा 2,487 सीटें (2020-2021) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में थी। वहीं, साल 2021-2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 3,313 हो गया।