Swachh Vidyalaya Puraskar 2021-22: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि देश भर के 39 स्कूलों को 2021-22 शैक्षणिक सत्र के लिए स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि पुरस्कार के लिए 8.23 लाख प्रविष्टियां आईं थीं। चयन समिति की ओर से इनमें से 39 स्कूल सम्मान हेतु चुने गए थे। इनमें 28 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल जबकि 11 निजी स्कूल हैं। इन सम्मानित स्कूलों में दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, एक नवोदय विद्यालय और तीन केंद्रीय विद्यालय भी शामिल हैं।
Swachh Vidyalaya Puraskar इन मानदंडों पर होता है चयन
स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार न केवल उन स्कूलों को सम्मानित करता है जिन्होंने पानी, स्वच्छता और स्वच्छता के क्षेत्र में अनुकरणीय काम किया है बल्कि स्कूलों को और सुधार करने के लिए एक बेंचमार्क और रोडमैप भी प्रदान करता है। पुरस्कार के लिए, स्कूलों को पानी, शौचालय, साबुन से हाथ धोना, संचालन और रखरखाव, व्यवहार परिवर्तन, क्षमता निर्माण और कोविड-19 तैयारी और प्रतिक्रिया के छह व्यापक मापदंडों पर रैंक दी जाती है।
Swachh Vidyalaya Puraskar में नकद धनराशि दी गई
शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि 39 स्कूलों में से, 17 प्राथमिक हैं और 22 माध्यमिक / उच्च माध्यमिक विद्यालय हैं। पुरस्कार प्राप्त करने वाले स्कूलों में से समग्र श्रेणी के 34 स्कूलों 60 हजार रुपये और उप श्रेणी के स्कूलों को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए। पुरस्कार के तीसरे संस्करण में 9.59 लाख स्कूलों की भागीदारी देखी गई, जो स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18 में भाग लेने वाले 6.15 लाख स्कूलों की संख्या से लगभग डेढ़ गुना अधिक है।