3,500 कॉलेजों में अनुसरित होगी नई शिक्षा नीति
पाटिल ने कहा कि इन (स्वायत्त) संस्थानों को अपनी स्वायत्तता का इस्तेमाल करते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में कम से कम 3,500 कॉलेजों को नई नीति के कार्यान्वयन के लिए एक रूपरेखा या मॉडल प्रदान करेगा।
मंत्री ने कहा कि 30 सितंबर तक सभी विश्वविद्यालयों को एनईपी के कार्यान्वयन के लिए एक योजना की घोषणा करनी होगी और फिर 31 दिसंबर तक इसे अंतिम रूप देना होगा। कार्यान्वयन योजना की घोषणा की जा सकती है। एक बयान के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में एनईपी का कार्यान्वयन 100 प्रतिशत होगा।
NEP ने 1986 में बनाई गई शिक्षा पर 34 साल पुरानी राष्ट्रीय नीति की जगह ली है और इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने के लिए स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणालियों में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करना है। नई नीति में उल्लेखित उच्च शिक्षा सुधारों में 3 या 4-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों के बीच विकल्प, डिग्री पाठ्यक्रमों में एकाधिक प्रवेश और निकास विकल्प, उच्च शिक्षा संस्थानों में 3.5 करोड़ सीटें जोड़ना, एमफिल कार्यक्रमों को बंद करना और शुल्क का निर्धारण शामिल हैं।