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10वीं बोर्ड परिणाम: हाईकोर्ट ने सीबीएसई, केंद्र और दिल्ली सरकार को भेजा नोटिस, पढ़िए क्या है पूरा मामला

Wed, 02 Jun 2021 12:44 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

दिल्ली हाईकोर्ट में विद्यालय द्वारा आयोजित आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर कक्षा 10वीं का अंतिम परिणाम तैयार करने वाली नीति में संशोधन की मांग करने वाली याचिका पर सीबीएसई और सरकार से जवाब मांगा है। 
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दिल्ली हाईकोर्ट
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। दरअसल हाल ही में न्यायालय में विद्यालय द्वारा आयोजित आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर कक्षा 10वीं का अंतिम परिणाम तैयार करने वाली नीति में संशोधन की मांग करने वाली याचिका दायर की गई थी। अब न्यायालय द्वारा सीबीएसई, केंद्र और दिल्ली सरकार से इस पर जवाब मांगा गया है। 

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दसवीं का परिणाम तैयार करने की क्या है मौजूदा नीति?

सीबीएसई द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कक्षा दसवीं का परिणाम 20+80 के हिसाब से तैयार होगा। प्रत्येक विषय 100 अंकों का होता है। इसमें 20 अंक इंटरनल असेसमेंट के होंगे और वहीं 80 अंक यूनिट टेस्ट, मध्यावधि परीक्षा और प्रीबोर्ड की परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर दिए जाएंगे।

प्री-बोर्ड की परीक्षा न होने पर ऐसे तैयार किया जाएगा परिणाम

कोरोना महामारी की वजह से दिल्ली व अन्य के विद्यालयों में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए प्री-बोर्ड का आयोजन नहीं हो पाया था। ऐसी परिस्थितियों में विद्यालयों को सीबीएसई के गत वर्ष के फॉर्मूले के आधार पर अंक देने होंगे। यानी अगर किसी विद्यार्थी ने पूरे सत्र में चार परीक्षाएं दी हैं, तो उनमें से बेस्ट तीन के अंक, वहीं अगर तीन परीक्षाएं दी हैं, तो बेस्ट दो के अंक का एवरेज लिया जाएगा।
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अगर पूरे सत्र में नहीं दी है एक भी परीक्षा तो ऐसे होगी मार्किंग

अगर किसी विद्यार्थी ने किन्ही कारणों की वजह से पूरे सत्र में किसी विषय की एक भी परीक्षा नहीं दी है, तो रिजल्ट कमेटी उन विद्यार्थियों का फोन कॉल पर असेसमेंट करेगी। 
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