हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय। प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान। हर हफ्ते बड़े बड़े विषयों पर यहां शोध की बातें होती हैं। मंथन होता है कि कैसे सिस्टम को सुधारा जाए।
लेकिन जब खुद का सिस्टम ठीक करने की बारी आती है तो अधिकारी मीठी गोलियां देने लगते हैं। इन दिनों प्रशासन की यही '45 दिन' की मीठी गोली छात्रों को बड़ी महंगी पड़ रही है।
दरअसल वर्ष 2020 का विजन देखने वाले अधिकारी इतने दूरगामी हो गए हैं कि इन्हें अब वर्तमान दिखाई ही नहीं देता। अधिकारी 45 दिन में रिजल्ट निकालने का दावा करते फिरते हैं। मगर यह रिजल्ट 100 दिन बाद भी नहीं निकल पाता।
अब पीजी कक्षाओं को ही ले लीजिए। इनकी परीक्षाएं तो नवंबर दिसंबर में हो चुकी है। लेकिन रिजल्ट मार्च तक नहीं निकला। हद तो तब हो गई जब रूसा के तहत प्रशासन ने 25 दिन में ही रिजल्ट निकालने की हवाई छोड़ दी।
प्रशासन की हवाईबाजी पर तो अब किसी को यकीन नहीं रहा। हां इतना सब जरूर कह रहे हैं कि प्रशासन को पहले अपने सिस्टम पर शोध करना चाहिए।