जीवन हो तो लता दीदी जैसा, जो तिरंगे के मान-सम्मान के लिए समर्पित हो और जब मौत आए तो शोक में तिरंगा झुक जाए। रविवार सुबह करीब 10 बजे भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन की खबर आई तो दिल्ली मेट्रो में सफर कर रहे कुछ लोगों की आपस में बातचीत के दौरान ये लाइनें बरबस सुनाई पड़ीं।
देशप्रेम में रोंगटे खड़े कर देेने वाले गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा, ये शुभ दिन है हम सबका, लहरा लो तिरंगा प्यारा’ को आवाज देने वाली स्वर कोकिला के निधन पर दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस व अन्य जगहों पर लगे गगन चुंबी राष्ट्रीय ध्वजों को राष्ट्रीय शोक के तौर पर झुकाया गया। स्वर कोकिला, सुर साम्राज्ञी, नाइटिंगल ऑफ इंडिया, जैसे नामों से लोगों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी।
उधर, संगीत नाटक अकादमी, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय जैसे बड़े संस्थानों समेत दूसरे छोटे-बड़े गीत-संगीत से जुड़े संस्थानों की तरफ से सुर साम्राज्ञी के निधन पर सार्वजनिक तौर पर शोक व्यक्त किया गया।
याद किया...
सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि लता मंगेशकर के निधन की खबर सुनकर उन्हें गहरा आघात पहुंचा है, जिसे बर्दाश्त करना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि करीब पांच बार वह लता जी से मिले। एक बार उन्हें उनके साथ मंच साझा करने का भी मौका मिला।
-मनोज तिवारी
लता मंगेशकर ने हृदय की गहराइयों से गीतों को गाया। उनके गीत भारत को एकता के सूत्र में पिरोते हैं। उनकी आवाज देश के समस्त घरों में सदैव गूंजती रहेगी। ईश्वर उनके परिजनों को शोक सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
- अनिल बैजल, उपराज्यपाल
लता मंगेशकर जी का निधन भारत में संगीत के एक युग की समाप्ति है। उनकी सुरीला आवाज हम सबके बीच और पूरी दुनिया में सदा अमर रहेगी।
- अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री
मैं लता मंगेशकर जी को श्रद्धांजलि देता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनके परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
- मनीष सिसोदिया उपमुख्यमंत्री