दिल्ली में मंगलवार को यमुना का जलस्तर चेतावनी के निशान से नीचे आ गया। फिलहाल पानी का स्तर 204.47 मीटर पर बना हुआ है, जो चेतावनी लेवल (204.50) से .03 मीटर कम है। सोमवार को यमुना चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही थी, लेकिन मंगलवारे सुबह पानी के स्तर में कमी दर्ज की गई। जल स्तर लगातार कम होने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा अब कम हो चुका है। प्रशासन का कहना है की टीमें 24 घंटे स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।
अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर तीन बजे तक पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 204.47 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी के निशान 205.50 से कम है, लेकिन चेतावनी लेवल से अधिक है। जलस्तर में सोमवार से लगातार कमी आ रही है। हालांकि, अभी भी नदी किनारे रहने वाले निवासियों से यह निवेदन किया जा रहा है कि वह अपने किसी भी परिवार के सदस्य को एवं मवेशियों को नदी के आसपास न जाने दें।
नदी के डूब क्षेत्र में सिविल डिफेंस के वॉलिंटियरों को भी तैनात किया गया है। ताकि हालातों पर पूरी नजर रखी जा सके। हथिनी कुंड बैराज से मंगलवार दोपहर को भी 12,473 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सामान्य तौर पर, हथिनीकुंड बैराज में प्रवाह दर 352 क्यूसेक होती है, एक क्यूसेक पानी 28.32 लीटर प्रति सेकेंड के बराबर होता है।
शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली जिला प्रशासन ने राजधानी में यमुना के डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम शुरू किया था। इन लोगों को रैन बसेरों में ठहराया गया है। खतरे के निशान से नीचे आ गया है। इसके लिए कई लोगों को आरोप लगाने का समय नहीं मिला।