कोरोना से बढ़ाई समस्या
- कोरोना कोशिकाओं के ऐसे प्रोटीन से चिपकता है जो दिल में भी होते जाते हैं।
- कोरोना से संक्रमित हुए मरीजों में खून का थक्का जमने के मामले बढ़े है।
- कोरोना संक्रमण के बाद खून की नसे संकुचित हुई है जिससे, खून का प्रवाह प्रभावित हुआ है।
- कोरोना से गम्भीर बीमार हुए लोगों को दिल की सूजन का खतरा 20 गुना मे बढ़ा है।
परिवार में कोई दिल का मरीज, तो जरूर करवाएं जांच
परिवार में यदि कोई 40 से कम उम्र में दिल का मरीज रहा है तो अन्य सदस्य को भी दिल की जांच करवा लेनी चाहिए। डॉ. अंबुज रॉय के मुताबिक 25 साल से अधिक उम्र होने पर एक बार अपने दिल की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। अगर परिवार में किसी को 40 से कम उम्र में दिल की बीमारी हुई है तो आप भी हर पांच साल पर अपनी दिल की जांच कराएं।
लक्षण दिखे तो करें डॉक्टर से संपर्क
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में वरिष्ठ डॉक्टर तरुण कुमार ने बताया कि छाती में दर्द, चक्कर आना, धड़कन बढ़ना, घबराहट होना, सांस फूलना, सिर में दर्द होना दिल की बीमारी के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वाले, उच्च रक्तचाप, मोटापा, मधुमेह के रोगी, हाई कोलेस्ट्राल से पीड़ित लोगों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा होती है।