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World Heart Day: कोरोना से दिल हुआ कमजोर, 35 के बाद जरूर करवाएं जांच, लक्षण दिखे तो करें डॉक्टर से संपर्क

Thu, 29 Sep 2022 03:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

World Heart Day:  बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में योग करते एक छात्रा की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इससे पहले भी इस तरह के कई केस सामने आ चुके हैं। पिछले एक साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। दरअसल, कोरोना महामारी के बाद दिल कमजोर हो गया है। ऐसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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बनारस हिंदू यूनिवसिर्टी में योग करते हुए अचानक एक छात्रा को दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी सामान्य से दिख रहे लोगों को अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। यह सभी स्वस्थ दिख रहे थे, कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि उनके साथ कभी ऐसा हो सकता है।

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पिछले एक साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। दरअसल कोरोना महामारी के बाद दिल कमजोर हो गया है। ऐसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर ऐसे लोगों को जिनके परिवार में कोई दिल का मरीज रहा हो। कई अध्ययनों में पता चला है कि कोरोना संक्रमण और लोगों की खराब जीवनशैली के कारण दिल के दौरे के मामले बढ़े हैं।

एम्स के ह्रदय रोग विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर अंबुज रॉय का कहना है कि कोरोना से गम्भीर बीमार हुए लोगों में दिल के दौरे और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। कोरोना के बाद धड़कन असामान्य होना, दिल की मांसपेशियों का कमजोर होना, पैरों से खून का थक्का बनकर फेफड़ों तक पहुंचना सहित कई समस्याएं मरीजों में देखने को मिल रही है। कोरोना की रोकथाम के लिए वैक्सीन जरूर लगवाए, इससे मरीज गंभीर नहीं होता। साथ ही समय समय पर रक्तचाप, मधुमेह, और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें।
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वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर तरुण कुमार ने बताया कि कोरोना के बाद ऐसे मरीज सामने आए हैं जिन्हें दिल का कोई रोग नहीं था और न ही कोई ब्लॉकेज देखने को मिली, लेकिन मांसपेशियां कमजोर होने से दिक्कत बढ़ गई है। साथ ही दिल में धड़कन के उतार-चढ़ाव में काफी बदलाव देखा गया। उन्होंने कहा कि वायरल इंफेक्शन के बाद दिल कमजोर हो जाता है। यहीं कारण है कि कम उम्र के लोगों में भी दिल की समस्या बढ़ रही है।

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कोरोना से बढ़ाई समस्या
  • कोरोना कोशिकाओं के ऐसे प्रोटीन से चिपकता है जो दिल में भी होते जाते हैं।
  • कोरोना से संक्रमित हुए मरीजों में खून का थक्का जमने के मामले बढ़े है।
  • कोरोना संक्रमण के बाद खून की नसे संकुचित हुई है जिससे, खून का प्रवाह प्रभावित हुआ है।
  • कोरोना से गम्भीर बीमार हुए लोगों को दिल की सूजन का खतरा 20 गुना मे बढ़ा है।
परिवार में कोई दिल का मरीज, तो जरूर करवाएं जांच
परिवार में यदि कोई 40 से कम उम्र में दिल का मरीज रहा है तो अन्य सदस्य को भी दिल की जांच करवा लेनी चाहिए। डॉ. अंबुज रॉय के मुताबिक 25 साल से अधिक उम्र होने पर एक बार अपने दिल की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। अगर परिवार में किसी को 40 से कम उम्र में दिल की बीमारी हुई है तो आप भी हर पांच साल पर अपनी दिल की जांच कराएं।

लक्षण दिखे तो करें डॉक्टर से संपर्क
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में वरिष्ठ डॉक्टर तरुण कुमार ने बताया कि छाती में दर्द, चक्कर आना, धड़कन बढ़ना, घबराहट होना, सांस फूलना, सिर में दर्द होना दिल की बीमारी के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वाले, उच्च रक्तचाप, मोटापा, मधुमेह के रोगी, हाई कोलेस्ट्राल से पीड़ित लोगों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा होती है।
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