दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) क्षेत्र में अब काम करने और मकान खरीदने के लिए जेब अधिक ढीली करनी पड़ेगी। इस संबंध में सोमवार को सदन की बैठक में पेशेवर कर और संपत्ति पर लगने वाले ट्रांसफर ड्यूटी के प्रस्ताव पास कर दिए गए। हालांकि दो वर्ष का संपत्ति कर जमा करने पर बकाया माफी का प्रस्ताव पास कर आम लोगों को राहत दी गई है। लोग 31 मार्च 2021 तक संपत्ति कर जमा करा सकेंगे। वर्ष 2004 से अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों ने संपत्ति कर जमा नहीं कराया है।
सोमवार को सदन की बैठक शुरू होने के बाद विपक्षी आप नेता प्रेम चौहान ने महापौर से कर लगाने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण न मिलने पर आप के सभी नेता हंगामा करते हुए सदन से बाहर चले गए। नेता सदन नरेंद्र चावला ने बताया कि दिल्ली सरकार से फंड न मिलने के कारण निगम की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। इस वजह से ये दो कर लगाने पड़ रहे हैं। दक्षिणी निगम में अब वे सभी लोग पेशेवर कर के दायरे में आएंगे, जिनकी आय 50 हजार प्रतिमाह से अधिक है। इनमें वेतनभोगी, स्वरोजगारी और अन्य पेशेवर शामिल हैं। इनमें वे सभी लोग शामिल हैं, जिनका कार्यालय दक्षिणी दिल्ली में आता है। कंपनी उनके वेतन से पेशेवर कर काटकर दक्षिणी निगम में जमा करेगी। पेशेवर कर से निगम को प्रतिवर्ष 20 से 25 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति का अनुमान है।
दूसरी ओर, दक्षिणी दिल्ली इलाके में 25 लाख सर्कल रेट से अधिक की संपत्ति खरीदने पर लगने वाली ट्रांसफर ड्यूटी में एक फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। यह महिला, पुरुष और कंपनी तीनों पर ही लगाई जाएगी। वर्तमान में कोई व्यक्ति दूसरे से संपत्ति खरीदता है तो पुरुष पर तीन फ़ीसदी और महिला पर दो फ़ीसदी ट्रांसफर ड्यूटी लगती है। अब पुरुष और महिला दोनों पर ही एक-एक फ़ीसदी अतिरिक्त ट्रांसफर ड्यूटी कर लगेगा। इसके अलावा, कोई कंपनी अपने नाम से संपत्ति को खरीदती है तो उस पर भी एक फ़ीसदी अधिक ट्रांसफर ड्यूटी लगेगी।
बिजली कर के प्रस्ताव पर नहीं लग सकी मुहर
सदन की बैठक में बिजली कर प्रस्ताव पर मोहर नहीं लग सकी है। फिलहाल इस प्रस्ताव को टाल दिया गया है। ऐसे में दक्षिणी निगम क्षेत्र के निवासियों को फिलहाल राहत मिली है। इससे पहले एक फ़ीसदी अतिरिक्त बढ़ाकर छह फ़ीसदी बिजली कर लगाने का प्रस्ताव दिया गया था। इसे लेकर विपक्षियों ने भाजपा को घेरा तो प्रदेशाध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा था कि बिजली कर नहीं बढ़ाया जाएगा।
ये रहीं पेशेवर कर की दरें
50 हजार से कम कुछ नहीं
50001 से 75000 100 रुपये प्रतिमाह
75001 से 1,00,000 150 रुपये प्रतिमाह
100,001 से ऊपर 200 रुपये प्रतिमाह
स्वरोजगारियों के लिए वार्षिक देय
प्रतिवर्ष छह लाख तक आय कुछ नहीं
प्रतिवर्ष 6 लाख से लेकर 9 लाख तक 1200 रुपये वार्षिक
प्रतिवर्ष 9 लाख से लेकर 12 लाख तक 1800 रुपये वार्षिक
प्रतिवर्ष 12 लाख से अधिक 2400 रुपये वार्षिक