शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली। लगातार दो दिनों की बारिश से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। अक्तूबर महीने में पिछले 75 साल का सबसे कम अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली। लगातार दो दिनों की बारिश से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। अक्तूबर महीने में पिछले 75 साल का सबसे कम अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह तापमान 1951 के बाद से अक्तूबर का सबसे कम है। पालम में अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 11.1 डिग्री कम था। लोधी रोड में 20.6 डिग्री सेल्सियस और रिज में 20.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। आयानगर में भी अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार का दिन पिछले चार साल में अक्तूबर का सबसे अधिक बारिश वाला दिन भी साबित हुआ।
बारिश और वायु गुणवत्ता
मौसम विभाग ने 'लाल' और 'नारंगी' अलर्ट जारी किया था। शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में दिल्ली में 61.4 मिमी बारिश दर्ज हुई। दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। सफदरजंग में 4.2 मिमी और पालम में 3 मिमी बारिश हुई। बारिश के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार देखा गया। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 60 दर्ज किया गया। यह 10 अक्तूबर 2022 के बाद से अक्तूबर का सबसे साफ दिन रहा। शहर के 54 निगरानी केंद्रों में से 33 ने हवा को 'संतोषजनक' बताया।
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प्रदूषण का योगदान और पूर्वानुमान
'एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम' के अनुसार, शनिवार को हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' रहने की संभावना है। एक नवंबर को यह गिरकर 'खराब' श्रेणी में आ सकती है। अगले छह दिनों में हवा 'खराब' और 'बहुत खराब' श्रेणियों में रहने का अनुमान है। 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 17.8 फीसदी रहा। औद्योगिक उत्सर्जन का योगदान 3.5 फीसदी और आवासीय क्षेत्र का 4.6 फीसदी रहा। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने पंजाब में 40 और राजस्थान में चार समेत कुल 44 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज कीं।