पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने विदेशी जमातियों से पूछताछ की दिल्ली पुलिस को अनुमति दे दी है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कोलकाता में बृहस्पतिवार शाम तक 105 विदेशी जमातियों से पूछताछ कर ली थी। उन्होंने माना कि वह निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे। काफी विदेशी तब्लीगी मरकज में आए थे।
आरोप है कि विदेशी जमाती टूूरिस्ट वीजा पर भारत आकर धर्म का प्रचार कर रहे थे। इन पर कोरोना महामारी फैलाने का आरोप है। करीब 960 विदेशी जमाती दिल्ली में रह गए थे, बाकी कई राज्यों में चले गए थे। पश्चिमी बंगाल के अलावा सभी राज्यों में विदेशी जमातियों पर कार्रवाई हुई थी। गृहमंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया था कि वह पश्चिमी बंगाल में रुके हुए 109 विदेशियों पर कार्रवाई करे ।
पुलिस ने कोलकाता के हज हाउस में ठहरे हुए विदेशी जमातियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन लॉकडाउन का बहाना बनाकर एक भी विदेशी जमाती जांच में शामिल नहीं हुआ था।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी बंगाल सरकार से विदेशी जमातियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी।
पूछताछ की अनुमति मिलने पर दिल्ली पुलिस की टीम विदेशी जमातियों से पूछताछ करने कोलकाता पहुंची थी। विदेशी जमातियों ने माना है कि वह ट्यूरिस्ट वीजा पर भारत आए और मरकज में जमात में शामिल हुए। वहीं, इनका कहना है कि वह जनवरी व फरवरी में दिल्ली आए थे। मार्च महीने की शुरुआत में ही वह दिल्ली से कोलकाता चले गए थे। पुलिस एफआरआरओ के जरिये इनके कागजात वेरीफाई कर रही है।
कोलकाता में हज हाउस में ठहरे हुए इन विदेशियों में ज्यादातर थाईलैंड, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, म्यामांर समेत कई देशों के हैं। इन विदेशियों ने माना है कि वह टूूरिस्ट वीजा पर भारत आए और जमात में शामिल हुए। हालांकि वह कोरोना काल से पहले ही दिल्ली से चले गए थे। ऐसे में उन पर टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर धर्म का प्रचार करने का आरोप बनता है।
दिल्ली पुलिस अधिकारी ये देख रहे हैं कि इन विदेशियों पर क्या कार्रवाई की जाए। क्या इन्हें चार्जशीट किया जाए या नहीं। हालांकि भारत सरकार ने कोरोना काल व उससे पहले टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर जमात में शामिल होने वाले 2500 ज्यादा विदेशियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ये विदेशी अब भविष्य में भारत नहीं आ सकते। हालांकि कुछ विदेशी भारत सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट गए हैं।