फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिवाली के गिफ्ट पैक में हथियारों की तस्करी, मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

Sat, 26 Oct 2019 02:06 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
gift pack - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ ने हथियार तस्कर यूपी में बदायूं के ककराला निवासी गुलफाम (27) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। बदमाश की एक गोली सिपाही की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी।

विज्ञापन


सिपाही ने भी जवाब में एक गोली चलाकर बदमाश को काबू में कर लिया। हथियार जिस पैक में रखे थे, वह दिवाली के गिफ्ट जैसा लग रहा था। इसमें से 10 पिस्टल और 12 कारतूस मिले। वह दिल्ली के कुख्यात नंदू गैंग को इन्हें देनेे लाया था। गुलफाम अपने भाई के स्कूल में शिक्षक रह चुका है। गर्लफ्रेंड को महंगे गिफ्ट देने के लिए वह हथियारों की तस्करी करने लगा।

द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि स्पेशल स्टाफ के सिपाही राजकुमार को मिली सूचना के बाद निरीक्षक नवीन के नेतृत्व में पुलिस ने द्वारका में गोल्फ लिंक रोड के पास घेराबंदी की। गुलफाम बैग लेकर पहुंचा।
विज्ञापन


करीब 10 मिनट इंतजार के बाद वह जाने लगा। पुलिस ने रोककर बैग की तलाशी लेने की बात कही तो उसने पिस्टल निकालकर सिपाही राजकुमार पर गोली चला दी, जो बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। जवाब में राजकुमार ने भी एक गोली चलाई और बदमाश को दबोच लिया। बैग की तलाशी में पुलिस को एक गिफ्ट पैक मिला। गुलफाम ने बताया कि वह नंदू गैंग के बदमाश को हथियार सप्लाई करने आया था।

इंटरनेट से सीखा गिफ्ट पैक बनाने का तरीका
गुलफाम ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए उसने इंटरनेट पर कई तरीके देखे, जिनमें उसे गिफ्ट पैक पसंद आया। उसने बदमाशों को हथियार दिवाली उपहार के पैक में सौंपने की योजना बनाई।

उसने कार्ड बोर्ड के बॉक्स में हथियार रखने के बाद उसे लाल रंग के पेपर में पैक किया। वह आईएसबीटी तक बस से दिल्ली आया और वहां से ऑटो से द्वारका आया। वह नंदू गैंग के बदमाश का इंतजार कर रहा था, पर वह नहीं आया।

भाई के स्कूल में पढ़ा चुका है आरोपी
गुलफाम का पिता गन्ने के कोल्हू में काम करता है। उसका एक भाई स्कूल चलाता है और दूसरा भाई ऑटो चालक है। अविवाहित गुलफाम के मुताबिक, उसकी एक गर्लफ्रेंड है, जो महंगे गिफ्ट की मांग करती थी। राजनीति विज्ञान से स्नातकोत्तर करने के बाद वह भाई के स्कूल में पढ़ाने लगा।

स्कूल में उसे कम पैसे मिलते थे। इसके बाद वह ज्यादा कमाई करने की सोच रहा था। इसी बीच बदायूं में कुंदन से उसकी मुलाकात हुई। उसने जल्द रुपये कमाने के लिए उसे हथियारों की तस्करी करने के लिए राजी कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, अगस्त 2019 में वह कुंदन की मदद से दिल्ली आकर एक बदमाश से मिला था, जिसने उसे दिवाली से पहले हथियार सप्लाई करने के लिए कहा था। उसने बदमाश से 50 हजार रुपये एडवांस लिया था। इसके बाद बदायूं लौटकर कुंदन के साथ हथियार तस्करी की रणनीति बनाने लगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें