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Delhi: यमुना सफाई के लिए 1000 करोड़ की जल-सीवर परियोजनाओं को मंजूरी, नजफगढ़ में लगेंगे 12 नए सीवेज प्लांट

Mon, 25 May 2026 05:39 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई, सीवरेज व्यवस्था सुधारने और जल संरक्षण को लेकर 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग में ये बड़ा निर्णय लिया गया।
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सीएम रेखा गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई, सीवरेज व्यवस्था सुधारने और जल संरक्षण को लेकर 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग में ये बड़ा निर्णय लिया गया। इनमें नजफगढ़ क्षेत्र में 12 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, केशोपुर एसटीपी का विस्तार, पुरानी सीवर लाइन का पुनर्वास और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने जैसी योजनाएं शामिल हैं। 

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सरकार ने दावा किया है कि इन योजनाओं से न सिर्फ यमुना में गिरने वाले गंदे पानी को रोका जा सकेगा, बल्कि लाखों लोगों को बेहतर सीवर और पानी की सुविधा भी मिलेगी। भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए सरकार ने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पर भी फोकस बढ़ाया है। दिल्ली जल बोर्ड अलग विभागों के साथ मिलकर नए वर्षा जल संचयन ढांचे तैयार करेगा और पुराने सिस्टम को दोबारा चालू करेगा। चार ग्राउंड वॉटर एक्सपर्ट्स और दस सोशल मोबिलाइजर्स की नियुक्ति की जाएगी, जो लोगों को जागरूक करने और परियोजनाओं की निगरानी में मदद करेंगे।

केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार को भी मंजूरी 
सरकार ने पश्चिमी दिल्ली के केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार को भी मंजूरी दी है। करीब 122 करोड़ की इस परियोजना के तहत प्लांट की क्षमता 12 एमजीडी से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी। यह उपचारित पानी की गुणवत्ता को नए मानकों के अनुरूप बनाएगा। परियोजना में अगले 11 वर्षों तक संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल है। सरकार ने कहा िक इससे रिसाइकल्ड पानी के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और जल संरक्षण की दिशा में मदद मिलेगी।
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यमुना सफाई का बेहतर मॉडल पेश करेंगे : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दिल्ली को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित राजधानी बनाना है। यमुना पुनर्जीवन, जल संरक्षण और आधुनिक सीवेज व्यवस्था पर तेजी से काम किया जाएगा, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली जल प्रबंधन और यमुना सफाई के क्षेत्र में बेहतर मॉडल पेश कर सकेगी।

फोकस नजफगढ़ ड्रेन और इससे जुड़े इलाकों पर 
सरकार ने यहां 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) लगाने का फैसला किया है। करीब 860 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन प्लांटों की कुल क्षमता 46.5 एमजीडी होगी। ये परियोजना केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत लागू की जाएगी। इन प्लांटों में सबसे बड़ा डीएसटीपी मित्राऊं में बनेगा, जिसकी क्षमता 17 एमजीडी होगी। कैर, कांगनहेड़ी, ककरोला और दिचाऊं कलां में चार, गालिबपुर, सारंगपुर और शिकारपुर में तीन और हसनपुर, जाफरपुर, काजीपुर और खेड़ा डाबर में चार नए प्लांट लगाए जाएंगे। इससे 121 से ज्यादा अनधिकृत कॉलोनियों और 35 गांवों के करीब सात लाख लोगों को फायदा मिलेगा। इन इलाकों का अनुपचारित सीवेज नजफगढ़ ड्रेन में जाने से रोका जा सकेगा। 

यमुनापार में बड़ी परियोजना को मंजूरी
पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में भी एक बड़ी परियोजना को मंजूरी मिली है। अमीचंद चौक से पुराने कल्याणपुरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक करीब 57 करोड़ की लागत से पुरानी ट्रंक सीवर लाइन का पुनर्वास होगा। लाइन करीब 40 साल पुरानी हो चुकी है और पिछले कुछ वर्षों में कई बार धंसाव और तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। नई लाइन बनने के बाद इलाके की सीवरेज व्यवस्था ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद होगी। 

शाहदरा में नया अंडरग्राउंड रिजर्वायर बनेगा : 
शाहदरा के रोहतास नगर में करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से नया अंडरग्राउंड रिजर्वायर और बूस्टर पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 0.72 एमजीडी होगी। इससे इलाके में पानी की सप्लाई व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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