कोरोना वायरस और अस्पतालों के जैविक कचरे को लेकर पिछले कई दिनों से एक बहस छिड़ी हुई है। विशेषज्ञों को आशंका है कि अगर कचरा प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ सकता है।
ऐसे में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पहला केस सामने आ चुका है। यहां कचरा प्रबंधन में शामिल एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिला है। अब तक इस अस्पताल में 20 डॉक्टर सहित 30 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।
सफदरजंग अस्पताल की संक्रमण कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल कोरोना का पहला नोडल सेंटर था। इसलिए यहां तैनात स्टाफ को पीपीई कैसे पहनना है और उसे कैसे उतारना है का प्रशिक्षण दिया गया था। बावजूद इसके कई बार स्वास्थ्य कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। जैविक कचरा प्रबंधन को लेकर अब अस्पताल में सख्त नियम कर दिए गए हैं। पीले और लाल रंग अलग अलग डिब्बे लगाए गए हैं ताकि संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।