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एम्स: दो से छह साल के बच्चों पर गुरुवार से वैक्सीन का ट्रायल, 6 से 12 साल का चरण पूरा

Tue, 22 Jun 2021 01:00 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, दो श्रणियों के बच्चों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। इसके बाद दो से छह साल के बीच के बच्चों को परीक्षण में शामिल किया जाएगा।
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ट्रायल में बच्चे को वैक्सीन लगाते डॉक्टर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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एम्स में बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में गुरुवार से दो से छह साल के बच्चों को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। इससे पहले 12 से 18 साल और 6 से 12 साल के बच्चों को कोवाक्सिन की डोज दी जा चुकी है और इन दोनों आयुवर्ग का ट्रायल पूरा हो चुका है।

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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, दो श्रणियों के बच्चों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। इसके बाद दो से छह साल के बीच के बच्चों को परीक्षण में शामिल किया जाएगा। जिन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है। वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

वहीं बात करें दिल्ली में कोरोनी की स्थिति पर तो राजधानी में सोमवार को 89 नए मरीज मिले और 11 की मौत हुई। यह इस साल एक दिन में संक्रमण के सबसे कम मामले हैं। इससे पहले 16 फरवरी को 94 संक्रमित मिले थे। उसके बाद यह संख्या लगातजार बढ़ रही थी। कोरोना के मामलों में कमी के साथ संक्रमण दर भी घटकर 0.16 रह गई है। यानी, अब एक हजार जांच पर केवल एक संक्रमित मिल रहा है। 
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 173 मरीज स्वस्थ हुए।कुल संक्रमितों की संख्या 14,32,381 हो गई है। इनमें से 14,05,460 स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमण से अब तक कुल 24,925 मौतें हुई हैं। 

मृत्युदर 1.74 प्रतिशत है। फिलहाल कोरोना के 1996 सक्रिय मामले हैं। इनमें से अस्पतालों में 1258 रोगी भर्ती हैं। कोविड केयर केंद्रों में 77 और कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में 09 रोगी हैं। होम आइसोलेशन में 563 मरीजों का इलाज चल रहा है। विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 57,128 जांच की गई।यह आंकड़ा रोजाना की तुलना में करीब 20 हजार कम रहा। 

कुल जांच में आरटीपीसीआर प्रणाली से 45,468 और रैपिड एंटीजन से 11,660 टेस्ट हुए। अभी तक 2 करोड़ 8 लाख नमूनों की जांच हो चुकी हैं। दिल्ली ऐसा पहला राज्य है जहां आबादी से ज्यादा टेस्ट किए जा चुके हैं। कम होते मामलों के साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या भी घटकर 4597 रह गई है।

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