करीब आधी दिल्ली के लोग पेयजल संकट से दो-चार हुए
यमुना नदी से जुड़े चंद्रावल, वजीराबाद व ओखला जल शोधक संयंत्र गादयुक्त पानी को साफ नहीं कर पा रहे हैं। उनमें करीब 25 से 30 प्रतिशत पानी का उत्पादन कम हो रहा है। इसके अलावा इन संयंत्रों में पानी भी पूरी तरह साफ नहीं हो पा रहा है। लिहाजा इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, वहीं उनके घरों पर पहुंच रहे पानी की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं है। इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों में दो दिन से पानी का संकट पैदा हो गया है।
चंद्रावल, वजीराबाद व ओखला संयंत्रों से पुरानी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, नई दिल्ली व दक्षिण दिल्ली के अधिकतर इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इन इलाकों में नई दिल्ली, दिल्ली छावनी, सिविल लाइन, हिंदूराव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, ओल्ड राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, इंद्रपुरी, कालकाजी, गोविंदपुरी, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश आदि इलाके शामिल है। इन इलाकों में रविवार को बेहद कम दवाब के साथ कुछ ही समय के लिए पेयजल आपूर्ति हुई। ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों के घर पर कुछ पल के लिए पानी पहुंचा। इस कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिला।
सोनिया विहार व भगीरथी संयंत्र भी बंद होने के आसार हुए
हरिद्वार में गंगा नदी में पानी खतरे के निशान से ऊपर जाने के कारण दो दिन पहले गंग नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इस नहर से सोनिया विहार और भगीरथी जल शोधक संयंत्र को कच्चा पानी मिलता है। हालांकि अभी ये संयंत्र बंद नहीं हुए है, लेकिन इनमें कच्चा पानी कम आना शुरू हो गया है। उत्तराखंड में बाढ़ के हालात जल्द ही नहीं सुधरने की स्थिति में इन संयंत्रों को कच्चा पानी मिलना बंद हो जाएगा और इन सयंत्रों से जुड़े इलाकों के निवासी पानी के लिए मोहताज हो जाएंगे। इन दोनों संयंत्रों से पूर्वी दिल्ली के तमाम इलाकों के साथ-साथ दक्षिण दिल्ली के भी कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।