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Delhi News: कूड़े के पहाड़ों पर बायोमाइनिंग की निगरानी करेगा शहरी विकास विभाग

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शहरी विकास मंत्री ने एमसीडी के प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की
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गाजीपुर और भलस्वा में कूड़े के पहाड़ों का निरीक्षण करेंगे सूद



अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
तीनों कूड़े के पहाड़ों पर बायोमाइनिंग की निगरानी खुद दिल्ली शहरी विकास विभाग करेगा, ताकि काम की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़े। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद सोमवार को गाजीपुर और बृहस्पतिवार को भलस्वा कूड़े के पहाड़ पर बायोमाइनिंग देखेंगे। बुधवार को सचिवालय में मंत्री की एमसीडी के अधिकारियों के साथ इस पर विस्तृत चर्चा हुई।



एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में हर दिन करीब 14,000 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जाता है। मंत्री ने निर्देश दिया कि कूड़ा अलग करने की प्रक्रिया (सेग्रीगेशन) घर-घर स्तर पर सख्ती से लागू हो, तभी कचरे का सही प्रबंधन होगा। खरीदी गई आधुनिक मशीनें, स्मॉग गन, स्प्रिंकलर और रोड स्वीपिंग मशीनें सड़क पर सक्रिय दिखें। उन्होंने दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए एमसीडी की 28 स्मॉग गन और 167 स्प्रिंकलर मशीनों की कार्यप्रणाली जानी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कर्मचारी डबल शिफ्ट में काम करें, ताकि सड़कों पर धूल और प्रदूषण पर काबू पाया जा सके। इसके अलावा 52 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों के रूट की रीडिजाइनिंग करने के निर्देश दिए।
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लैंडफिल साइट पर फिर न लगे आग : सूद
मंत्री ने कहा कि गाजीपुर लैंडफिल साइट पर पिछले साल तीन बार आग लगी, जिसे दोबारा नहीं होने देना है। इसके लिए लैंडफिल स्थलों पर लगी फायर मशीनों का पूरा उपयोग हो। इनकी हर स्थिति की तत्काल रिपोर्ट उन्हें दी जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भलस्वा, गाजीपुर और ओखला डंप साइट्स पर आग की घटनाएं घटाने के लिए कई कदम उठाए हैं। बरसात छोड़कर हर दिन 20 से 25 हजार टन कचरे की बायोमाइनिंग की जा रही है, जबकि हाल में 30 हजार टन प्रतिदिन की सर्वोच्च बायोमाइनिंग की गई। ओखला साइट पर अब नया कचरा नहीं डाला जा रहा। इससे लैंडफिल में आग की घटनाएं कम हुई हैं।
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लैंडफिल साइट जांचने खुद जाएंगे
आशीष सूद ने बताया कि वे सोमवार को गाजीपुर और बृहस्पतिवार को भलस्वा कूड़े के पहाड़ का दौरा करेंगे। उन्होंने सभी सफाई मशीनों पर जीपीएस सिस्टम लगाने और उन्हें सक्रिय रखने के निर्देश दिए, ताकि उनकी निगरानी वास्तविक समय में की जा सके। इस दौरान मंत्री ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और वाहन प्रदूषण नियंत्रण पर संभावनाओं पर चर्चा की।
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