मंत्री ने कहा-मामला सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा, सच्चाई बाहर आनी चाहिए
कथित रिपोर्ट तैयार कराने की साजिश का आरोप, भगवंत मान समेत जिम्मेदार पर कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित बेअदबी मामले की सियासी आंच अब दिल्ली तक पहुंच गई है। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ सिख नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट को प्रभावित किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सिरसा ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वभर के सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं और धार्मिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है।
बुधवार को प्रेस वार्ता में सिरसा ने आरोप लगाया कि कथित बेअदबी मामले में सामने आए वीडियो की जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर विवाद के बाद फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन बाद में एक अलग रिपोर्ट के जरिये तथ्यों को बदलने की कोशिश की गई। उन्होंने पंजाब पुलिस से पारदर्शी तरीके से जांच आगे बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। मंत्री सिरसा ने आरोप लगाया कि अनुकूल फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के लिए सरकारी प्रभाव और धन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारियों और संबंधित लोगों के बीच हुई बैठकों और कथित लेनदेन से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं।
सिरसा ने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। मंत्री ने पंजाब सरकार से सवाल किया कि बेअदबी विरोधी कानूनों के तहत अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित कथित रूप से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष सार्वजनिक करने की मांग की।