इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह लीज एग्रीमेंट इस एयरपोर्ट के तेज त गति से निर्माण तथा प्रदेश के तेज विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज के यूपी को विश्व पटल पर विकास योजनाओं को तेजी के साथ क्रियान्वित करने के लिए जाना जाएगा।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि आम आदमी को भी हवाई सेवाएं उपलब्ध हो सकें। जेवर एयरपोर्ट का विकास उनके इस सपने को साकार करेगा। यह एयरपोर्ट देश तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। उन्होंने अपने शासनकाल में एयरपोर्ट सेवाओं के विकास की विस्तार से जानकारी दी। यहां बताया गया कि जेवर एयरपोर्ट का विकास पीपीपी मॉडल पर चार चरणों में किया जाना है।
वर्ष 2021-22 में इस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और प्रथम चरण का काम तीन वर्ष में पूरा होगा। यह एयरपोर्ट 12 मिलियन पैसेंजर से शुरू होगा जो चरणवार बढ़ कर वर्ष 2040-50 तक 70 मिलियन हो जायेगा। जेवर एयरपोर्ट कार्गो एयरपोर्ट भी है। वर्ष 2040-50 तक 2.6 मिलियन टन कार्गो क्षमता का विकास होगा। इससे व्यापार और उद्योगों को एक नई दिशा मिलेगी।