दिल्ली के एक निजी अस्पताल में कोरोना टीकाकरण के प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला सामने आया है। इस गड़बड़ी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है,जिसमें इस विषय पर ध्यान देने और अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मागने का आदेश दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि दिल्ली के कुछ निजी टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन को लेकर तय उम्र सीमा के मानकों का पालन नहीं हो रहा हैं। इन केंद्रों पर 45 साल से कम उम्र के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन दी जा रही है।
पत्र में बताया गया है कि निजी वैक्सीन सेंटर के रूप में काम कर रहे नेहरू नगर के विद्यासागर इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ, न्यूरो एंड अलाइड साइंसेज में टीका के लिए लाभार्थियों के पंजीकरण में गंभीर चूक हुई है।
यहां 45 साल से कम उम्र के लोगों को स्वास्थ्य व अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारी के रूप में पंजीकृत कर उनका टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को आदेश देकर इस अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर। 48 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री से टीकाकरण की शर्तों में छूट देने की मांग, लिखा प्रधानमंत्री का पत्र
दिल्ली समेत पूरे देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने टीकाकरण की शर्तों में छूट देने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इस बारे में मुख्यमंत्री ने सोमवार प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें गुजारिश की गई है कि टीकाकरण की उम्र सीमा की बंदिश हटाई जाए।
वहीं, टीका लगाने के नियमों को सरल किया जाए। अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, अगर दिल्ली सरकार को छूट दी जाती है तो तीन महीने के अंदर सभी दिल्लीवासियों का टीकाकरण कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि भारत ने अपने वैज्ञानि कों, विशेषज्ञों और चिकित्सकों की शानदार प्रतिभा और कठिन मेहनत के बूते रिकार्ड समय में प्रभावी वैक्सीन तैयार कर कोरोना महामारी के खिलाफ वैश्विक जंग में निर्णायक बढ़त हासिल की है।
इस बात के लिए दुनिया भर में हमारी तारीफ भी हो रही है। इस बीच, हाल के समय में देश के विभिन्न क्षेत्रों में नए सिरे से कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने पूरे देश के सामने एक नई चिंता और चुनौती पेश कर दी है।
अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा है कि टीकाकरण अभियान के बीच संक्रमण का इस तरह से बढ़ने साबित होता है कि अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाना होगा। केजरीवाल के मुताबिक, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें हर कदम पर केंद्र का सहयोग मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री उनकी बातों पर गौर करेंगे। इससे कोरोना के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सके। इस बारे में दो स्तरों पर काम करने की सलाह भी मुख्यमंत्री ने दी है।
टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़े
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि टीकाकरण केंद्रों की संख्या तत्काल बढ़ाने की जरूरत है। अभी कई तरह की शर्ते हैं। मसलन, टीकाकरण केवल अस्पतालों या डिस्पेंसरी में ही हो सकता है। शुरू में यह इसलिए किया गया था कि यदि किसी को वैक्सीन का कोई गलत रिएक्शन हो, तो तुरंत अस्पताल में उसका इलाज किया जा सके। पिछले तीन महीनों में टीकाकरण से यह साफ हो गया कि वैक्सीन सुरक्षित है। ऐसे में इस शर्त को हटाया जाए, ताकि स्कूलों, सामुदायिक भवनों और अन्य स्थानों पर बड़े स्तर पर टीकाकरण केन्द्र बनाए जा सकें। इस क्रम में सावधानी या एहतियात बरतना जरूरी होगा और हम ऐसा करेंगे भी। हम हर जगह एम्बुलेंस आदि का इंतजाम करके रखेंगे।
उम्र की बंदिश भी हटाई जाए
टीकाकरण की उम्र सीमा की बाध्यता हटाते हुए इसे सभी के लिए उपलब्ध कराया जाए। जो लोग मेडिकल तौर पर टीका नहीं लगवा सकते, उन्हें छोड़कर, हमें सबको टीका लगाने का काम शुरू करना चाहिए। इससे लोगों में झिझक दूर होगी और ज्यादा से ज्यादा लोग टीका लगवाने के लिए सामने आएंगे। जितने ज्यादा लोगों को टीका लगेगा, उतना ही करोना बीमारी के फैलने की गति कम होगी।