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दिल्ली मेट्रो : दफ्तरों में समय से पहुंचाएगा भूमिगत लूप कॉरिडोर, पंजाबी बाग इंटरचेंज से जुड़ीं ग्रीन और पिंक लाइन 

Wed, 30 Mar 2022 06:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली

सार

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत प्रस्तावित है निर्माण, दौड़ेगी दो कोच की मेट्रो।
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सेंट्रल विस्टा परियोजना - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत आवाजाही भी बेमिसाल होगी। मुख्य सड़क पर बिना निकले जमीन के अंदर प्रस्तावित मेट्रो के नए लूप कॉरिडोर से सरकारी दफ्तरों तक पहुंचा जा सकेगा। 

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दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) इसका खाका तैयार कर रहा है। इसके तहत तीन किमी के दायरे में आने वाले सभी सरकारी दफ्तर मेट्रो के लूप कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। यह कॉरिडोर पूरी तरह नया होगा। इसमें चार स्टेशन होंगे और इनके बीच दो कोच की मेट्रो चलेगी। वहीं, केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर मेट्रो के मुख्य कॉरिडोर से नया कॉरिडोर जुड़ा होगा। इससे मेट्रो से सफर करने वाले मुसाफिर चंद कदमों बाद ही अपने दफ्तर पहुंच जाएंगे।

इस कॉरिडोर के माध्यम से शास्त्री भवन, उद्योग भवन, रेल भवन, सेना भवन समेत केंद्र सरकार के 8 से 10 दफ्तरों में रोजाना हजारों कर्मचारी और अधिकारी समय पर पहुंच सकेंगे। लूप पर मेट्रो सेवाओं की शुरुआत से गुरुग्राम जाने वाली येलो और फरीदाबाद जाने वाली वॉयलेट लाइन के यात्रियों को केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।
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मेट्रो का अनुमान है कि पीक आवर्स प्रति घंटे करीब 20 हजार यात्री इस पर सफर करेंगे। इसी को ध्यान में रखकर परिवहन सुविधाओं के लिए योजना तैयार की जा रही है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में कहा कि तीन किलोमीटर में प्रस्तावित कॉरिडोर पर शुरू में एक-दो कोच की ही मेट्रो दौड़ेंगी। इससे हजारों यात्रियों को सहूलियत होगी।

दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को भी राहत
सीपीडब्ल्यूडी के साथ हुए समझौते के मुताबिक, निर्माण, सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल, प्लेटफॉर्म, सहायक सेवाएं, रखरखाव, पटरियां बिछाने समेत भूमिगत निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। दिल्ली मेट्रो के तीन किलोमीटर के दायरे में विस्तार से नए केंद्रीय सचिवालय के दफ्तरों तक पहुंच आसान हो जाएगी। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इससे काफी राहत मिलेगी। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत 900 से 1200 सांसदों के बैठने के लिए एक नए त्रिकोणीय संसद भवन की परिकल्पना की गई है। इसका निर्माण इसी साल पूरा करने का लक्ष्य है।

ऐसे होगा तैयार
नए केंद्रीय सचिवालय भवनों के साथ मौजूदा मेट्रो नेटवर्क सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के हिस्से के तौर पर आएगा। इसके तहत मौजूदा केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के साथ चार स्टेशनों को मेट्रो लूप कॉरिडोर के जरिए जोड़ने का प्रस्ताव है। इस लूप को सुबह-शाम के वक्त दफ्तरों से आवागमन करने वालों की जरूरत के मुताबिक तैयार किया जाएगा। 

 

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पंजाबी बाग इंटरचेंज से जुड़ीं मेट्रो की ग्रीन और पिंक लाइन

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने मंगलवार को पंजाबी बाग में नए इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन किया। इससे ग्रीन और पिंक लाइन के यात्रियों को एक से दूसरी लाइन पर पहुंचना आसान हो जाएगा। 

यह पहला ऐसा मौका है, जब दो कॉरिडोर के स्टेशनों को जोड़ने के लिए इंटरचेंज स्टेशन का निर्माण किया गया है। लंबे समय से यात्री पंजाबी बाग चौराहे पर इंटरचेंज सुविधा शुरू करने की मांग कर रहे थे। दोनों लाइन एक-दूसरे को पार कर रही थी, लेकिन यात्रियों को मेट्रो लाइन बदलने की सुविधा नहीं थी। 

नया इंटरचेंज स्टेशन, पिंक लाइन के पंजाबी बाग (पश्चिम) को ग्रीन लाइन के शिवाजी पार्क से जोड़ता है, जिससे यात्रियों को कम वक्त में गंतव्य तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इंटरचेंज स्टेशन के निर्माण से पिंक और ग्रीन लाइन के बीच यात्रियों को इंटर कनेक्टिविटी की सुविधा मिली है। डीएमआरसी ने ट्वीट कर कहा है कि पहली बार डीएमआरसी ने एक स्टेशन बनाया है, जो दो कॉरिडोर को जोड़ता है। इसका प्लेटफॉर्म एक फुट ओवरब्रिज (एफओबी) से जुड़े हुए हैं। ग्रीन लाइन पर तैयार इंटरचेंज पारंपरिक स्टेशन नहीं है। 

तमाम चुनौतियों के बावजूद दो लाइनों को जोड़ने के लिए इसका निर्माण किया गया। यात्रियों को प्रवेश और निकास की सुविधा पिंक लाइन के पंजाबी बाग पश्चिम स्टेशन से ही होगी। यह स्टेशन पंजाबी बाग चौराहे के ठीक ऊपर है। इसे जोड़ने के लिए पूर्व निर्मित स्टील प्लेटफार्म को स्थापित करने के लिए ग्रीन लाइन के वायडक्ट में बदलाव किया गया है। 

212 मीटर के फुटओवर ब्रिज से जुड़ा है प्लेटफॉर्म
2010 में छतरपुर मेट्रो स्टेशन को प्री-फैब्रिकेटेड स्टील से बनाया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संरचनाओं को ट्रेलर की मदद से पहुंचाया गया। इस स्टेशन पर यात्रियों को सवार होने और उतरने की सुविधा होगी, जिसे यात्री पिंक और ग्रीन लाइन की मेट्रो के इंटरचेंज के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म एक फुट ओवरब्रिज (एफओबी) से जुड़े हुए हैं और इसकी लंबाई 212 मीटर है। 

इस सुविधा के शुरू होने से बहादुरगढ़, मुंडका और नांगलोई से आने-जाने वाले यात्रियों को काफी फायदा मिलेगा। 59 किलोमीटर लंबे मजलिस पार्क-शिव विहार के बीच पिंक लाइन पर यात्रियों को सफर का मौका मिल सकेगा। नए प्लेटफॉर्म पर दो अतिरिक्त बड़ी लिफ्ट हैं, जो फुटओवर ब्रिज से जुड़ी हैं। इनमें से प्रत्येक में 26 यात्रियों की क्षमता है। ग्रीन लाइन इंद्रलोक/कीर्ति नगर स्टेशन को ब्रिगेडियर होशियार सिंह से जोड़ती है। होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन पर ग्रीन लाइन पर यह दूसरा इंटरचेंज स्टेशन है।
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