अलग-अलग मामलों में ठगे करीब 10 लाख, साइबर थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला
शुजात आलम
नई दिल्ली। सरकारी नौकरी से रिटायर हुए बुजुर्ग पेंशन खाता धारक यदि अपना लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने का प्रयास कर रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने के चक्कर में किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाएं। कुछ ऐसा ही वसुंधरा एंक्लेव में रहने वाले दो बुजुर्ग के साथ हुआ।
ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने के चक्कर में दो बुजुर्ग साइबर ठगी के शिकार हो गए। अलग-अलग मामलों में बदमाशों ने दो बुजुर्ग के खातों में सेंध लगाकर करीब 10 लाख रुपये उड़ा लिए। एक मामले में आरोपियों ने बुजुर्ग के खाते में फिक्स डिपोजिट के आधार पर 4.06 लाख रुपये का लोन लेकर वह रकम भी उड़ा ली। दोनों बुजुर्ग की शिकायत पर पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उसके आधार पर आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने बुजुर्गों से अपील की है कि वह बैंक की शाखा में जाकर ही अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाएं।
पहले मामले में साइबर ठगों ने अनिल कुमार (79) को अपना शिकार बनाया। बुजुर्ग परिवार के साथ मानव स्थली अपार्टमेंट, वसुंधरा में रहते हैं। वह सेंट्रल वाटर कमीशन से सिविल इंजीनियर के पद से रिटायर हैं। फिलहाल अनिल पेंशन धारक हैं। हर साल पेंशन प्राप्त करने के लिए अक्तूबर के अंतिम या नवंबर के प्रथम सप्ताह में इनको लाइफ सर्टिफिकेट बैंक को देना होता है। पीड़ित को वर्ष 2025-26 के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराना था। इसके लिए उन्होंने फेसबुक पर ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाने का एक विज्ञापन देखा। दिए गए लिंक पर उन्होंने अपनी डिटेल जमा कर दी। 27 अक्तूकर को उनके पास एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक के पेंशन विभाग से बताकर अपना नाम राहुल रंजन बताया। इसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर जानकारी भेजने के लिए कहा। बुजुर्ग ने ऐसा ही किया। शाम करीब 4.30 से 5.30 के बीच उनके खाते से दो बार में 4.15 लाख की कट गए। दूसरे मामले में गोविंद नंदन शुक्ला (74) परिवार के साथ विश्वकर्मा अपार्टमेंट में रहते हैं। वह एक सरकारी बैंक से अधिकारी रिटायर हैं। फिक्स डिपोजिट के आधार पर किसी ने बैंक खाते से 4.06 लाख का लोन लेकर उसे ट्रांसफर कर लिया। इसके अलावा बाकी दो बैंक खातों को भी खाली कर दिया गया। दोनों खातों और लोन की रकम मिलाकर कुल 5.73 लाख रुपये की ठगी की गई।